चेन्नई। पट्टालि मक्कल कच्चि (पीएमके) के नेता एस रामदास ने शुक्रवार को कहा कि कृषि क्षेत्र और राज्य के किसानों की समस्याओं का समाधान करने के लिए राज्य और केन्द्र के मंत्रियों की एक संयुक्त समिति गठित की जानी चाहिए। सर्वोच्च न्यायालय ने शुक्रवार को राज्य सरकार को किसानों को आत्महत्या करने से रोकने के लिए कदम उठाने का निर्देश दिया। इसके साथ ही उच्चतम न्यायालय ने राज्य सरकार को किसानों के बीच मुआवजा का वितरण करने का भी निर्देश दिया है।शुक्रवार को एक बयान जारी कर रामदास ने कहा कि राज्य सरकार को किसानों की मदद करने के लिए एक निर्णय पर जल्द से जल्द पहुंचना चाहिए। उन्होंने कहा कि मुख्य मुद्दा यह है कि राज्य के किसानों को अपने उत्पादों की सही कीमत नहीं मिल रही है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार को कृषि उत्पादों के लिए न्यूनतम समर्थित मूल्य का निर्धारण करने के लिए एमएस स्वामीनाथन या रमेशचंद कमेटी की सिफारिशों को लागू करना चाहिए। रामदास ने कहा कि देश के कई राज्यों में कृषि उत्पादन की भूमि बढी है लेकिन तमिलनाडु में ऐसा नहीं है। राज्य सरकार को कृषि संबंधित कार्यों के लिए उपयोगी ढांचागत सुविधाओं का विकास करना चाहिए और सिंचाई की सुविधा को बढाने पर ध्यान देना चाहिए। पीएमके नेता ने कहा कि राज्य सरकार को किसानों के समग्र विकास के लिए एक योजना तैयार करनी चाहिए जिससे किसानों को आत्महत्या जैसा गंभीर कदम उठाना से रोका जा सके। इसके साथ ही इसे कृषि क्षेत्र के विकास के लिए अलग से कृषि बजट पेश करना चाहिए। उन्होंने कहा कि कई राज्य सरकारों ने अलग से कृषि बजट पेश किया है जिससे वहां के किसानों को फायदा हुआ है इसलिए राज्य सरकार को भी इसका अनुसरण करना चाहिए।