बेंगलूरु। खेल को राष्ट्र की सीमाओं से नहीं बांधा जाना चाहिए लेकिन जब मामला भारत और पाकिस्तान का हो तो खेल किसी जंग से कम नहीं होता है। राज्य के हावेरी जिले में क्रिकेट पे्रेमी को हाल ही में हुए आईसीसी चैपियंस ट्रॉफी के दौरान पाकिस्तान क्रिकेट टीम के प्रति उसके प्यार को दर्शाने के तरीके ने जेल पहुंचा दिया। राज्य के हावेरी जिले के ३५ वर्षीय शब्बीर अहमद पर पुलिस ने भारतीय अपराध संहिता की धारा १२४ ‘ए’’ के तहत देशद्रोह, धारा १५३ ‘ए’’ के तहत दो समुदायों में धर्म के आधार पर दुश्मनी पैदा करनेे, और धारा ३४ के तहत मामला दर्ज किया गया है। शब्बीर के खिलाफ पुलिस ने यह मामला स्थानीय लोगों की शिकायत पर दर्ज किया है।सूत्रों के अनुसार गत रविवार को समाप्त हुई आईसीसी चैंपियंस ट्रॉफी क्रिकेट मैच के दौरान पाकिस्तान के हाथों भारत को मिली हार के बाद हावेरी जिले के सावनूर कस्बे के निवासी शब्बीर अहमद का पाकिस्तान प्रेम इतना उफान मारने लगा कि वह अपने घर से बाहर निकलकर पटाखे चलाने लगा और पाकिस्तान के समर्थन में नारे लगाने शुरु कर दिए। सावनूर कस्बे में मुस्लिम समुदाय के लोगों की संख्या अच्छी खासी है। शब्बीर द्वारा भारत के हारने के बाद इस प्रकार सार्वजनिक तौर पर जश्न मनाने के कारण कुछ स्थानीय लोग नाराज भी हो गए और उन्होंने उस पर हमला करने की भी कोशिश की लेकिन ऐन वक्त पर पुलिस वहां पहुंच गई और बीच बचाव कर लोगों से बचाकर उसे पुलिस स्टेशन ले गई। शब्बीर के इस प्रकार जश्न मनाने का कुछ स्थानीय मुस्लिम लोगांें द्वारा भी विरोध किया गया।सूत्रों के अनुसार पुलिस ने सावनूर के भारतीय जनता पार्टी के युवा मोर्चे के उपाध्यक्ष रमेश मुद्गल की शिकायत पर उसके खिलाफ मामला दर्ज किया और उसे गिरफ्तार कर जूनियर मजिस्ट्रेट फास्ट कोर्ट के समक्ष पेश किया गया जहां से उसे न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया। स्थानीय युवाओं का कहना है कि अगर पुलिस उनकी शिकायत पर तुरंत कार्रवाई करती तो शब्बीर को ऐसा करने से रोका जा सकता था लेकिन पुलिस ने तुरंत कार्रवाई नहीं की है।इसी क्रम में इस बात की भी जानकारी मिली है कि बागलकोट जिले के हिप्पारगी में भी पाकिस्तान की जीत के बाद कुछ इसी प्रकार से जश्न मनाया गया। सोमवार को कई संगठनों ने पाकिस्तान को आईसीसी चैंपिंयस ट्रोफी में मिली जीत के बाद आतिशबाजी करने के खिलाफ विरोध प्रदर्शन किया। हालांकि अभी तक इस मामले में किसी के खिलाफ मामला दर्ज नहीं किया गया है। पुलिस का कहना है कि पुलिस द्वारा पटाखा चलाने वालों की पहचान करना मुश्किल है क्योंकि आतिशबाजी एक घर के छत से की गई थी।