चार दिनों की हड़ताल के बाद शुक्रवार को खुले सिनेमा घर

सभी एसोसिएशनों ने वापस ली हड़ताल

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चेन्नई। चार दिनों की ह़डताल के बाद शुक्रवार से राज्य के सभी सिनेमाघर खुल गए। राज्य भर के थियेटर मालिक तमिलनाडु सरकार द्वारा थियेटरों से लिए जाने वाले ३० प्रतिशत स्थानीय टैक्स को हटाने की मांग के साथ ह़डताल पर गए थे। सिनेमा उद्योग से जु़डे लोगों का कहना था कि जीएसटी लागू होने के बाद अब यदि सरकार सिनेमा थियेटरों से ३० प्रतिशत मनोरंजन टैक्स वसूलती है तो इससे फिल्म उद्योग से जु़डे लोगों को नुकसान होगा। राज्य सरकार और सिनेमा प्रदर्शकों के बीच कई चरणों में हुई बातचीत के बाद शुक्रवार से ह़डताल समाप्त करने का निर्णय लिया गया जिसके बाद पिछले चार दिनों से बंद राज्य भर के १००० से अधिक सिनेमा थियेटर खुल गए।शुक्रवार को इस संबंध में पत्रकारों से बातचीत के दौरान तमिलनाडु सिनेमा थियेटर मालिक संघ के अध्यक्ष अभिरोमी रामनाथन ने कहा कि हमने अपनी समस्याओं को राज्य सरकार के अधिकारियों के समक्ष रखा है। अभी तक हमें इस बारे में कोई जानकारी नहीं मिली है कि राज्य सरकार ने स्थानीय टैक्स को लेकर क्या निर्णय लिया है। उन्होंने बताया कि उनके द्वारा सरकार को पूरी जानकारी दी गई है कि राज्य के सिनेमा थियेटरों में लोगों की संख्या कम हो गई है जबकि इसके लागू होने के बाद हमारा खर्च बढ गया है। इस खर्च मेंे एयर कंडिशनर चलाने का खर्च भी शामिल है। उन्होंने बताया कि सरकार ने इस मुद्दे पर विचार करने के लिए एक कमेटी गठित की है और इस कमेटी द्वारा निर्णय लिए जाने तक सिनेमा थियेटर मालिकों से सिर्फ जीएसटी लिया जाएगा।ज्ञातव्य है कि राज्य सरकार ने फिल्म उद्योग के प्रतिनिधियों की सदस्यता वाली एक १२ सदस्यीय समिति गठित की है। इस समिति में ६ सरकारी अधिकारी भी शामिल हैं। इस समिति में तमिल फिल्म प्रोड्यूसर्स काउंसिल के अध्यक्ष विशान, मानद सचिव एसआर प्रभु, तमिल फिल्म चेम्बर ऑफ कॉमर्स के सचिव अभिरामी रामनाथन, मशहूर फिल्म वितरण तिरुपुर सुब्रमणियम और तमिलनाडु फिल्म ड्रिस्ट्रीब्यूटर्स एसोसिएशन के अध्यक्ष आरुल पाथी भी शामिल है।इस समिति द्वारा इस संबंध में निर्णय लिया जाएगा कि सिनेमा थियेटरों से स्थानीय टैक्स लिया जाएगा या नहीं और यदि लिया जाएगा तो कितना लिया जाएगा।