बेंगलूरु। राज्य के विधि एवं संसदीय कार्य मंत्री टीबी जयचन्द्रा ने मंगलवार को पूर्व मुख्यमंत्री एवं जनता दल (एस) के प्रदेश अध्यक्ष एचडी कुमारस्वामी द्वारा लगाए गए आरोपों को खारिज करते हुए कहा कि जंतकल खनन घोटाले के संबंध में सरकार या कोई मंत्री किसी प्रतिशोधात्मक (बदला लेने) राजनीति में लिप्त नहीं हैं। गौरतलब है कि कुमारस्वामी जंतकल खनन घोटाले में आरोपी हैं। उन्होंने कहा कि न तो राज्य सरकार और न ही कोई मंत्री प्रतिशोधात्मक राजनीति में लिप्त हैं जैसा कि कुमारस्वामी द्वारा आरोप लगाया गया है। उनके आरोप निराधर हैं और कुंठा की वजह से ऐसे बयान दिए गए हैं। यहां संवाददाताओं से बात करते हुए जयचन्द्रा ने कहा कि विशेष अन्वेषण टीम (एसआईटी) जो राज्य में हुई अवैध लौह अयस्क खनन की जांच कर रही है, की नियुक्ति सर्वोच्च न्यायालय द्वारा जारी निर्देश के आधार पर हुई है। एसआईटी अपनी रिपोर्ट सीधे सर्वोच्च न्यायालय के पास पेश करेगी न कि राज्य सरकार को सौंपेगी। उल्लेखनीय है कि एसआईटी द्वारा दर्ज एफआईआर के खिलाफ अंतरिम जमानत प्राप्त करने में कुमारस्वामी कामयाब रहे हैं। हाल ही में कुमारस्वामी एसआईटी के समक्ष पेश हुए थे जिसने दो घंटे से अधिक समय तक उनके साथ पूछताछ की थी। पूर्व मुख्यमंत्री ने आरोप लगाया था कि मुख्यमंत्री सिद्दरामैया के नेतृत्व वाली सत्तासीन कांग्रेस सरकार प्रतिशोधात्मक राजनीति से प्रेरित होकर ऐसा कर रही है क्योंकि जनता दल (एस) द्वारा प्राप्त लोकप्रियता को कांग्रेस हजम नहीं कर पा रही है। त्र्य्आईएएस अधिकारी अनुरोग तिवारी की मौत के बार में विधि मंत्री ने कहा कि इस संबंध में उत्तर प्रदेश सरकार ने सीबीआई द्वारा जांच कराने का आदेश दिया है। हम इस संबंध में उन्हें पूरा सहयोग प्रदान करेंगे। जैसा कि तिवारी की मौत लखनऊ में हुई है, उत्तरप्रदेश सरकार की जिम्मेदारी बनती है कि सच्चाई का पता लगाए। उन्होंने कहा कि अधिकारी का कर्नाटक में उनके विभाग में कोई उत्पी़डन नहीं हुआ था या उन पर किसी तरह का दबाव नहीं था जैसा कि विपक्षी दलों का आरोप है। सच्चाई के सामने आने पर सब कुछ स्पष्ट हो जाएगा। उन्होंने सीबीआई जांच का स्वागत किया और पूर्ण सहयोग का भरोसा दिया।