चेन्नई। अखिल भारतीय अन्ना द्रवि़ड मुनेत्र कषगम (अम्मा) के महासचिव टीटीवी दिनाकरण ने मंगलवार को राज्यसभा सांसद आर वैयतिलिंगम की पार्टी की प्राथमिक सदस्यता रद्द कर दी। वैयतिलिंगम के खिलाफ यह अनुशासनात्मक कार्रवाई अन्नाद्रमुक के पलानीसामी और पन्नीरसेल्वम ध़डे के विलय के एक दिन बाद की गई है। वैयतिलिंगम ने मंगलवार को दोनों पक्षों का विलय होने के बाद पत्रकारों से बातचीत में पार्टी की सामान्य परिषद में शशिकला को पार्टी से बाहर करने का निर्णय लिए जाने की जानकारी दी थी। हालांकि दिनाकरण की ओर से की गई इस कार्रवाई से वैयतिलिंगम बिल्कुल परेशान नहीं है। वैयतिलिंगम ने मंगलवार को यहां पत्रकारों द्वारा पूछे जाने पर कहा कि टीटीवी दिनाकरण द्वारा जारी किया गया पार्टी से निष्काषित करने का आदेश उन्हें बाध्य नहीं कर सकता क्योंकि जयललिता द्वारा नियुक्त किए गए मुख्यालय के पदाधिकारियों द्वारा पार्टी के उप महासचिव के रुप में दिनाकरण की नियुक्ति को १० अगस्त को ही निरस्त किया जा चुका है। ज्ञातव्य है कि वैयतिलिंगम अन्नाद्रमुक के समन्वय सचिवों में से एक हैं। वह अन्नाद्रमुक के तंजावूर दक्षिण जिला इकाई के सचिव भी हैं। दिनाकरण की ओर से मंगलवार को एक बयान जारी कर कहा गया कि वैयतिलिंगम ने पार्टी के सिद्घांतों के खिलाफ कार्य किया है और पार्टी का नाम खराब किया है तथा पार्टी की बदनामी की है। दिनाकरण ने अपने बयान में कहा है कि पार्टी की महासचिव वीके शशिकला ने इस आदेश को मंजूरी दी है। उन्होंने पार्टी के कैडरों को भविष्य में वैयतिलिंगम से किसी प्रकार का संपर्क नहीं रखने का निर्देश दिया है।पन्नीरसेल्वम और मुख्ख्मंत्री ईडाप्पाडी के पलानीसामी से नजदिकियां रखने वाले वैयतिलिंगम ने सोमवार को दोनों नेताओं द्वारा विलय के बाद दिए गए संबोधन समाप्ति के बाद पत्रकारों से कहा था कि पार्टी पदाधिकारियों और पार्टी के सामान्य परिषद के अधिकांश सदस्यों द्वारा सामान्य परिषद की बैठक बुलाने का अनुरोध किया जा रहा है। उनकी मांगों को स्वीकार करते हुए जल्द ही पार्टी की सामान्य परिषद की बैठक बुलाई जाएगी और शशिकला को पार्टी के महासचिव पद से हटाने की दिशा में कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने कहा कि जल्द ही सामान्य परिषद की बैठक बुलाई जाएगी।