चेन्नई। पुलिस की क्यू शाखा ने शहर के सीमावर्ती इलाके स्थित पूझल केन्द्रीय जेल परिसर में पाकिस्तानी झंडा और मोबाइल फोन वाला एक पार्सल फेंके जाने की जांच शुरु कर दी है। यह दोनों चीजें उच्च सुरक्षा वाली इस जेल में शुक्रवार को पाए गए थे। पुलिस की क्यू शाखा के अधिकारियों ने इस संबंध में शनिवार को उन कैदियों से पूछताछ की जिन्होंने इस पार्सल को सबसे पहले देखा था। पुलिस के अनुसार एक पार्सल में १०० पाकिस्तानी फ्लैग पिन थे। यह झंडे की प्रतिकृति होती है जिसे कोई भी अपने कप़डे के ऊपर लगा सकता है। इसके साथ ही पार्सल में दो मोबाइल फोन और मोबाइल की दो बैट्रियां भी थीं। इसे जेल परिसर में मुस्लमान कैदियों के नमाज अदा करने वाले स्थान पर फेंक दिया गया था। कुछ कैदियों ने इस पार्सल को देखने के बाद जेल अधिकारियों को इस बात की सूचना दी जिसके बाद जेल अधिकारियों ने पार्सल को अपने कब्जे में लेकर खोला।क्यू शाखा की पुलिस टीम सीसीटीवी फुटेज की मदद से इस पार्सल को जेल के अंदर फेंकने वाले शरारती तत्वों का पता लगाने की कोशिश कर रही है। क्यू शाखा के अधिकारियों के अनुसार जिस स्थान पर यह चीजें फेंकी गई हैं उससे कुछ मीटर की दूरी पर सर्विलांस कैमरा लगा है। इस कैमरे में कैद हुए चित्रों के आधार पर जांच आगे ब़ढाई जा रही है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि इस शरारत को अंजाम देने वाले व्यक्ति को जल्द ही गिरफ्तार कर लिया जाएगा। पुलिस ने कहा है कि फिलहाल इस बारे में कुछ भी नहीं कहा जा सकता है कि यह कोई गहरी साजिश का हिस्सा है या सिर्फ शरारत के लिए ऐसा किया गया है।जेल के सुरक्षाकर्मियों ने पार्सल में रखकर फेंेकी गई सभी चीजों को जब्त कर लिया और पूझल पुलिस से इस संबंध में शिकायत की । जेल के वरिष्ठ अधिकारियों ने इस संबंध में पत्रकारों से बातचीत के दौरान कहा कि स्थानीय पुलिस द्वारा जांच की जा रही है और उस व्यक्ति को पक़डने की कोशिश कर रही है जिसने इसे जेल परिसर में फेंका है। पुलिस इस बात की जांच कर रही है कि क्या यह घटना रविवार रात होने वाले भारत-पाकिस्तान क्रिकेट मैच से जु़डी है या रमजान त्योहार को देखते हुए कैदियों को भ़डकाने के उद्देश्य से यह फेंके गए हैं। खुफिया ब्यूरो और राज्य खुफिया ब्यूरो को भी इस बात की जानकारी दी है। राज्य खुफिया ब्यूरो के अधिकारियों ने शुक्रवार को जेल परिसर में जाकर छानबीन की थी।गौरतलब है कि पूझल जेल में कई कुख्यात आतंकवादी भी बंद हैं। इनमें से कुछ पाकिस्तान समर्थित आतंकवादी संगठनों से ताल्लुक रखने वाले आतंकवादी भी हैं। इस बात को ध्यान में रखते हुए क्यू शाखा पुलिस इस कोण से भी जांच कर रही है कि कहीं यह मोबाइल फोन और पाकिस्तानी झंडे किसी आतंकवादी को पहुंचाने की कोशिश तो नहीं थी? पुलिस अधिकारियों का कहना है कि जेल परिसर में जैमर लगा है और जेल के अंदर से मोबाइल फोन पर बातचीत करना संभव नहीं है। क्यू शाखा पुलिस इस मामले में हर संभावित कोण से जांच कर रही है।