बेंगलूरु। प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जी. परमेश्वर ने रविवार को उन खबरों का खंडन किया कि उनके और मुख्यमंत्री सिद्दरामैया के बीच ‘शीत युद्ध’’ चल रहा है। मीडिया के एक वर्ग में ऐसी खबरें चल रही थीं कि सिद्दरामैया मंत्रिमंडल विस्तार में जिन तीन लोगों को मंत्री बनाया गया है उससे परमेश्वर नाखुश हैं। पिछले सप्ताह शुक्रवार को हुए मंत्रिमंडल विस्तार के शपथ ग्रहण समारोह में परमेश्वर शामिल नहीं हुए थे जिससे इन अटकलों को और ज्यादा हवा मिल गई थी। परमेश्वर ने संवाददाताओं से बात करते हुए कहा कि मेरे और सिद्दरामैया के बीच किसी प्रकार का शीत युद्ध नहीं है। शपथ ग्रहण समारोह में शामिल नहीं रहने के सवाल पर परमेश्वर ने कहा कि मैं वायरल बुखार से पीि़डत था इसी कारण शुक्रवार को संपन्न शपथ ग्रहण समारोह में मैं शामिल नहीं हुआ। इससे ज्यादा और कोई कयास न लगाया जाए। उन्हांेने अपनी अनुपस्थिति को सीधे तौर पर अपनी अस्वस्थतता से जो़डते हुए कहा कि मेरे और मुख्यमंत्री के बीच कोई मतभेद नहीं है। मैंने और सिद्दरामैया ने पिछले साढे छः वर्षों से एक साथ पार्टी के लिए काम किया है। सिद्दरामैया सरकार में मैं गृह मंत्री के रूप में सेवा दे चुका हूं। इसलिए मीडिया के एक वर्ग जो खबरें चल रही हैं, वह सिर्फ अफवाह है।मुख्यमंत्री के साथ मतभेद की खबरों के लिए विपक्षी दलों को कसूरवार ठहराते हुए परमेश्वर ने आरोप लगाया कि विपक्षी दलों द्वारा सोची समझी रणनीति के तहत इस प्रकार की अफवाहें उ़डाई जा रही हैं। शपथ ग्रहण समारोह के दिन मेरी अनुपस्थिति को मुद्दा बनाकर मेरे और सिद्दरामैया के बीच मतभेद की कहानी गढी गई। मंत्रिमंडल में शामिल नए चेहरों में परमेश्वर की पसंद के लोगों के शामिल नहीं होने की खबरों पर उन्होंने कहा कि मैंने कई लोगांे के नामों का सुझाव दिया था और वही अंततः मंत्रिमंडल विस्तार में सर्वसम्मति से पहुंच गए। दरअसल ऐसी खबरें थी कि मंत्रिमंडल विस्तार में जिन लोगों को जगह मिली है वे सब सिद्दरामैया की पसंद हैं। सिद्दरामैया ने मंत्रिमंडल विस्तार के पूर्व परमेश्वर से नामों पर सहमति नहीं ली।परमेश्वर ने लगाया विपक्षी दलों पर अफवाहें फैलाने का आरोप