राज्य पुलिस विरोध प्रदर्शन के लिए हो रही है लामबंद

पुलिस महानिदेशक ने पुलिसकर्मियों को ऐसा न करने के लिए चेताया

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चेन्नई। तमिलनाडु कांस्टेबुलरी एसोसिएशन को मान्यता देने की मांग के साथ राज्य पुलिस विरोध प्रदर्शन करने के लिए लामबंद हो रही है। ऐसा माना जा रहा है कि अगर इस संघ का गठन होता है तो पुलिस कांस्टेबलों पर बोझ कम होगा। इसके लिए विभिन्न सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म के माध्यम से माहौल तैयार करने की कोशिश हो रही है। सोशल मीडिया पर एक पोस्ट प्रकाशित कर राज्य के पुलिसकर्मियों से अनुरोध किया गया है कि वह इस संघ को कार्य करने की अनुमति देने की मांग के साथ पुलिस आयुक्त के समक्ष विरोध प्रदर्शन करें।राज्य के पुलिस महानिदेशक टीके राजेन्द्रन को भी इस बात की भनक लग लग गई है। पुलिस विभाग के सूत्रों के अनुसार टीके राजेन्द्रन ने शीर्ष पुलिस अधिकारियों को नोटिस जारी कर कहा है कि वह सभी पुलिसकर्मियों पर नजर रखें ताकि उनके द्वारा इस प्रकार का कोई भी विरोध प्रदर्शन नहीं किया जा सके। कांस्टेबल स्तर के पुलिस अधिकारियों द्वारा अगर इस प्रकार का विरोध प्रदर्शन किया जाता है तो इससे न सिर्फ राज्य सरकार की किरकिरी होगी बल्कि वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों के लिए भी असहज स्थिति पैदा होगी। इस प्रस्तावित विरोध प्रदर्शन के लिए शहर में कुछ स्थानों पर पोस्टर भी चिपकाएं जा रहे हैं।पुलिस महानिदेशक ने वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों को भेजे गए नोटिस में कहा गया है कि असंतुष्ट तत्वों द्वारा अपवनी निंदनीय गतिविधियों को अंजाम देने की कोशिश की जा सकती है। कृप्या अपनी इकाइयों में ऐसे लोगोंे पर नजर रखें जो विरोध प्रदर्शन करने की योजना बना रहे हैं। इसके साथ ही सोशल मीडिया पर प्रचारित किए जा रहे उकसाउ पोस्ट पर भी अपनी नजर रखें और इसके लिए जिम्मेदार व्यक्तियों के खिलाफ कानून सम्मत कार्रवाई करें।ज्ञातव्य है कि राज्य के ग्रेड ‘वन‘ और ग्रेड ‘टू’’ के पुलिसकर्मियों द्वारा काफी लंबे समय से एक संघ बनाने की मांग की जा रही है। मौजूदा समय में राज्य में सिर्फ वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों का ही संघ है। इस विरोध प्रदर्शन की गुपचुप तैयारियों के कारण एक बार फिर से कांस्टेबल और उससे समान स्तर के पुलिसकर्मियों द्वारा अपने संघ का गठन करने की मांग चर्चा में आ गई है। कांस्टेबल स्तर के पुलिसकर्मियों की मांग है कि राज्य में सेवा दे रहे ७०,००० पुलिस कांस्टेबल स्तर के पुलिसकर्मियों की कार्य अवधि को आठ घंटे निर्धारित किया जाए। इसके साथ ही सभी कांस्टेबलों को सप्ताह में एक दिन का साप्ताहिक अवकाश भी दिया जाए।पुलिसकर्मियों की मांग है कि राज्य पुलिस विभाग के नीचले स्तर के सभी रिक्त पदों को भरा जाए। हाल ही में एक ऐसा पोस्टर शहर में चिपकाया गया था जिसमेंे कांस्टेबल स्तर के पुलिसकर्मियों और उनके परिवार के सदस्यों द्वारा मुख्यमंत्री के साथ बैठक करने की बात कही गई है। इस पोस्टर के बाद पुलिस विभाग में गहमागहमी बढ गई है। ऐसा भी बताया गया कि पुलिसकर्मी राज्य सचिवालय के सामने विरोध प्रदर्शन करने योजना बना रहे हैं। कांस्टेबल स्तर के पुलिसकर्मियों में इस बात को भी लेकर नाराजगी है कि उन्हें वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों के घर पर घरेलू काम करना होता है।