चेन्नई। जीएसटी लागू होने के बाद राज्य के सिनेमा थियेटर मालिकों द्वारा सोमवार से शुरु की गई अनिश्चितकालीन ह़डताल का राज्य में व्यापक असर देखा गया। सोमवार को पहले दिन राज्यभर के लगभग १००० सिनेमा थियेटर बंद रहे। तमिलनाडु फिल्म चेम्बर ऑफ कॉमर्स (टीएफसीसी) ने राज्य सरकार द्वारा तमिल फिल्मों पर ३० प्रतिशत मनोरंजन टैक्स लगाए जाने के विरोध में सोमवार से अनिश्चितकालीन ह़डताल पर जाने की घोषणा की थी। सोमवार को यहां पत्रकारों से बातचीत के दौरान टीएफसीसी के अध्यक्ष अबिरामी रामनाथन ने कहा कि यह विरोध प्रदर्शन तमिलनाडु या राज्य सरकार के खिलाफ नहीं है बल्कि यह विरोध प्रदर्शन तमिल सिनेमा पर लगाए जाने वाले स्थानीय टैक्स को हटाने की मांग के साथ किया जा रहा है। रामनाथन ने कहा कि टीएफसीसी के सदस्यों ने मुख्यमंत्री ईडाप्पाडी के पलानीसामी से मुलाकात की थी और उनसे स्थानीय कर को हटाने की मांग की थी। इस संबंध में एक ज्ञापन भी सौंपा था।द्यय्द्बद्मय्त्र्द्म द्मष्ठ ·र्ैंर्‍ ठ्ठर्‍ ज्द्भ·र्रुैंद्बय्द्य फ्ष्ठ द्बरुध्य्·र्ैंय्त्ररामनाथन ने कहा कि उन्होंने सोमवार को राज्य के वित्त मंत्री डी जयकुमार से भी मुलाकात की और उनके समक्ष अपनी मांगों को रखा है। उन्होंने कहा कि वित्त मंत्री से अनुरोध किया गया है सिनेमा थियेटरों पर से नगरपालिका टैक्स और अन्य स्थानीय टैक्स को हटाए जाएं। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार को इस बात को समझने की जरुरत है कि जीएसटी लागू होने के बाद अगर सिनेमा थियेटरों को ५० प्रतिशत से अधिक टैक्स देना होगा। अगर स्थिति यही बनी रहती है तो पहले से ही आर्थिक संकटों का सामना कर रहे तमिल फिल्म उद्योग को और अधिक कठिनाइयों का सामना करना प़ड सकता है। उन्होंने कहा कि यह हमारे लिए व्यवहारिक नहीं होगा क्योंकि इससे १० लाख लोगों की आजीविका प्रभावित होगी। टीएफसीसी के सदस्यों के अनुसार अब समय आ गया है कि राज्य सरकार भी हमारे प़डोसी राज्यों केरल और कर्नाटक का अनुसरण करें और तमिल फिल्मों को बढावा देने के लिए इन पर लगाए जाने वाले टैक्स को माफ करें। सदस्यों का कहना है कि सरकार ने कुछ वर्षो पहले यह कहा भी था कि तमिल संस्कृति को बढावा देने वाली फिल्मों पर लगाए जाने वाले टैक्स को कम किया जाएगा, हालांकि अभी तक ऐसा नहीं किया गया है।्यत्र्द्भष्ठट्टद्य द्बय्यध्·र्ैंह्र द्मष्ठ ज्त्रय्ंश्च ्यट्ट·र्ैंट्टह्र ·र्ैंर्‍ ·र्ैंर्‍द्बत्र द्धढ्ढणद्मष्ठ ·र्ैंर्‍ ृय्प्रय्ैं·र्ैंय्तमिलनाडु सिनेमा थियेटर मालिक संघ के सदस्यों का कहना है कि हमें अपने थियेटरों को अनिश्चितकालीन तक बंद रखने का निर्देश दिया गया है। जल्द ही सिनेमा टिकटों की नई कीमतेंं तय की जाएंगी और उसके बाद ही टिकटों की ऑनलाइन बुकिंग शुरु की जाएगी। फिलहाल सभी सिनेमा थियेटरों ने टिकटों की ऑनलाइन बुकिंग भी बंद कर दी है। थियेटर मालिकों का कहना है कि उन्हें उम्मीद है कि राज्य सरकार जल्द ही स्थानीय टैक्सेस वापस ले लेगी जिसके बाद नई कीमतों का निर्धारण किया जा सकेगा। सिनेमा थियेटर मालिकों का कहना है कि अगर सरकार स्थानीय टैक्स वापस नहीं लेती है तो सिनेमा की टिकटों की कीमतों में बढोत्तरी होना तय है। इसी क्रम में तमिलनाडु फिल्म प्रोड्यूसर काउंसिल के अध्यक्ष विशाल ने सोमवार को मुख्यमंत्री पलानीसामी से राज्य सचिवालय में जाकर मुलाकात की। विशाल ने पत्रकारों से बातचीत के दौरान बताया कि इस मुलाकात के दौरान हमने मुख्यमंत्री को राज्य के सिनेमा थियेटर मालिकों के सामने और फिल्म प्रोड्यूसरों के सामने आ रही समस्याओं के बारे में बताया।सूत्रों के अनुसार विशाल के साथ ही लगभग २० ऐसे अन्य प्रोड्यूसर ने भी मुख्यमंत्री से मुलाकात की जिनकी फिल्में रिलीज हो चुकी है या फिर रिलीज होने वाली है। उन्होेंने कहा कि हमने मुख्यमंत्री से मुलाकात की है और हमें उम्मीद है कि कोई समुचित समाधान ढूंढा जाएगाचेन्नई में सोमवार को राज्य सचिवालय में तमिलनाडु फिल्म प्रोड्यूसर काउंसिल के अध्यक्ष विशाल के नेतृत्व में एक प्रतिनिधि मंडल ने मुख्यमंत्री पलानीसामी से मुलाकात की।