बेंगलूरु। कर्नाटक के तीन दिवसीय दौरे पर आए भाजपा राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह द्वारा कांग्रेसनीत राज्य सरकार लगाए गए आरोपों को खारिज करते हुए कांग्रेस ने रविवार को कहा कि शाह अपने दौरे के दौरान राज्य में लोकतांत्रिक ढंग से चुनी गई कांग्रेस सरकार को साजिश के तहत बदनाम एवं अस्थिर करने की कोशिश कर रहे हैं। प्रदेश कांग्रेस के कार्यकारी अध्यक्ष दिनेश गुंडूराव ने रविवार को संवाददाताओं से बात करते हुए शाह को लेकर कई प्रश्न उठाए और नई दिल्ली जाने से पहले शाह की प्रतिक्रिया की मांग की।उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा अपने प्रचारकों द्वारा झूठ का प्रचार कर रही है और राज्य में साम्प्रदायिक तनाव फैला रही है। गुंडूराव ने केन्द्र की एनडीए सरकार के झूठे दावों से संबंधित एक विस्तृत रिपोर्ट जारी की। सिद्दरामैया सरकार को देश की सबसे भ्रष्ट सरकार बताने के शाह के आरोप पर प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए गुंडूराव ने कहा कि शाह को कोई नैतिक अधिकार नहीं है कि वे इस प्रकार के बेबुनियाद आरोप लगाएं जब उनके बगल में भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष बीएस येड्डीयुरप्पा बैठे हों जो भ्रष्टाचार के आरोपों के कारण जेल जा चुके हैं। गुंडूराव ने कहा कि शाह दावा कर रहे हैं कि वे जानते हैं कि कर्नाटक से किस प्रकार कांग्रेस की ज़डें उखा़डनी हैं लेकिन हम भी भली भांति उनकी रणनीति जानते हैं कि वे विपक्ष को आतंकित करने के लिए क्या कर रहे हैं जिसमें साम्प्रदायिक तनाव भ़डकाना, ऑपरेशन कमल की शुरुआत और केन्द्रीय एजेंसियों जैसे आयकर, ईडी, सीबीआई का दुरुपयोग शामिल है। कांग्रेस उनकी इन रणनीतियों का सामना करने के लिए तैयार है और हम उनके इस अलोकतांत्रित रणनीतियों से राज्य में कांग्रेस सरकार को गिराने के सपने को पूरा होने नहीं देंगे। उन्होंने कहा कि भाजपा झूठी अफवाहों के तहत समाज को धर्म के नाम पर विभाजित करने की कोशिश कर रही है और ब्रांड बेंगलूरु की छवि को नुकसान पहुंचाने में जुटी है। कर्नाटक के लिए भाजपा की छद्म चिंता पर अमित शाह से स्पष्टीकरण की मांग करते हुए गुंडूराव ने कहा कि हम जानते हैं कि भाजपा नीत केन्द्र की एनडीए सरकार ने कावेरी, महादयी मुद्दे पर क्या रुख अपनाया है और सूखा राहत जारी करने में कर्नाटक के साथ भेदभाव किया है। उन्होंने कहा कि हम केन्द्र के किसान हितैषी होने के दावे को चुनौती देते हैं और मांग करते हैं कि राष्ट्रीयकृत बैंकों से किसानों के लिए जारी ऋण माफ किया जाए क्यांेकि कर्नाटक सरकार पहले ही सहाकारी बैंकों से जारी ऋण कर चुकी है। उन्होंने भाजपा पर कांग्रेस नेताओं का शिकार करने का आरोप लगाते हुए कहा कि हम जानना चाहते हैं कि शाह के दौरे के दौरान पूर्व केन्द्रीय मंत्री एसएम कृष्णा और वी. श्रीनिवास प्रसाद को क्यों किनारे लगा दिया गया है जबकि वे भाजपा में शामिल हैं।