बेंगलूरु। वरिष्ठ भाजपा नेता और पूर्व विधायक बी.बी. शिवप्पा का लम्बी बीमारी के बाद सोमवार को शहर के एक अस्पताल में निधन हो गया। वे ८८ वर्ष के थे और अपने पीछे पत्नी तथा तीन बेटों का परिवार छो़ड गए हैं। वर्ष-१९८३ से १९८८ तक शिवप्पा प्रदेश भाजपा के अध्यक्ष रहे थे। शिवप्पा की पहचान भाजपा के उन नेताओं में रही जिन्होंने पार्टी को कर्नाटक स्थापित करने के लिए संघर्ष किया। हालांकि वर्ष-१९९९ में विधानसभा चुनावों के बाद शिवप्पा की पार्टी की प्राथमिक सदस्यता से छह वर्ष के लिए निलंबित कर दी गई थी क्योंकि उन्होंने प्रदेश के वरिष्ठ भाजपा नेताओं, जिनमें मौजूदा पार्टी अध्यक्ष बीएस येड्डीयुरप्पा भी शामिल थे, की कार्यशैली की आलोचना की थी। बाद में शिवप्पा ने कांग्रेस का दामन थाम लिया और चुनाव ल़डे लेकिन असफल रहे। हालांकि निलंबन अवधि समाप्त होने के बाद वे दोबारा भाजपा में शामिल हो गए। शिवप्पा वर्ष-१९९४ से १९९९ के बीच विधानसभा के सदस्य रहे जबकि वर्ष-१९८४ से १९९९० और वर्ष-२००७ से २००९ के बीच विधान परिषद के सदस्य रहे। मुख्यमंत्री सिद्दरामैया, पूर्व प्रधानमंत्री एवं जनता दल (एस) सुप्रीमो एचडी देवेगौ़डा सहित कई वरिष्ठ राजनीतिज्ञों ने शिवप्पा के निधन पर शोक व्यक्त किया। प्रदेश भाजपा अध्यक्ष बीएस येड्डीयुरप्पा ने वयोवृद्ध पार्टी नेता शिवप्पा के निधन पर शोक व्यक्त किया। भाजपा को कर्नाटक में आगे बढाने में शिवप्पा के संघर्ष को याद करते हुए येड्डीयुरप्पा ने कहा कि शिवप्पा के निधन से भाजपा को ब़डा नुकसान पहुंचा है। वे हमेशा पार्टी का मार्गदर्शन करते थे। शिवप्पा का पार्थिव शरीर आम लोगों के दर्शनार्थ लेजिसलेचर होम में रखा गया। पारिवारिक सूत्रों के अनुसार शिवप्पा का अंतिम संस्कार मंगलवार को हासन जिले के सकलेशपुर तालुक स्थित उनके पैतृक गांव कुम्बरहल्ली में होगा।