बेंगलूरू। राज्य के ऊर्जा मंत्री डी के शिवकुमार ने कहा है कि बिजली के वाहनों के इस्तेमाल को प्रोत्साहित करने के लिए कर्नाटक सरकार ने शहरी इलाकों में पेट्रोल पंपों के पास चार्जिंग स्टेशन खोलने की योजना बनाई है। विभिन्न विभागों के लिए बजट आवंटन पर बहस के दौरान उन्होंने कहा कि विभाग के अधिकारियों ने पहले ही एक रिपोर्ट तैयार की है और राज्य इस तरह के स्टेशनों को खोलने के लिए देश का पहला राज्य बन जाएगा जिसके भविष्य में बहुत मददगार होने की उम्मीद है। बिजली संचालित वाहन लोकप्रिय हो रहे हैं।उन्होंने कहा कि सरकार ने छत्तीसग़ढ में कर्नाटक के प्रस्तावित गेट-हेड पावर प्लांट के लिए कोयला ब्लॉकों के लिए आवेदन किया था और केंद्र सरकार इसे मंजूरी देने पर सहमत हो गई है। एक बार कोयला ब्लॉक आवंटित करने के बाद सरकार संयंत्र का निर्माण शुरू कर देगी। अपनी तरह की पहली बार ें पिछली भाजपा सरकार ने छत्तीसग़ढ सरकार के साथ कोयला राज्य में ६,००० करो़ड रुपए की लागत वाले तापीय बिजली संयंत्र का निर्माण करने के लिए समझौता किया था लेकिन परियोजना के लिए कोयला ब्लॉक की उपलब्धता नहीं होने के कारण इसमें विलम्ब हुआ।शिवकुमार ने कहा कि सरकार ने गर्मी के दौरान शहरी क्षेत्रों में रहने वाले लोगों और किसानों को निर्बाध विद्युत आपूर्ति सुनिश्चित की है। हालांकि राज्य में गंभीर सूखे की स्थिति है और जल विद्युत उत्पादन भी प्रभावित हुआ है। यह सुनिश्चित किया गया है कि गांवों के किसानों को कम से कम ८ घंटे की तीन फे़ज बिजली आपूर्ति मिले जिससे उन्हें पंप सेटों का उपयोग कर जमीन सिंचाई में मदद मिल सके।