बेंगलूरु। भाजपा ने मुख्यमंत्री सिद्दरामैया की आलोचना करते हुए कहा है कि सिद्दरामैया ने भाजपा अध्यक्ष अमित शाह की आलोचना में सभ्यता, अभिमान और गरिमा की सभी सीमाओं को पार कर दिया है। अमित शाह को अपराधी कहते हुए सिद्दरामैया ने न्यायपालिका का अपमान किया है। भाजपा के प्रवक्ता सुरेश कुमार ने बुधवार को कहा कि सिद्दरामैया ने देश की सर्वोच्च न्यायिक संस्था का अपमान किया है जिसने कानूनी प्रक्रियाओं के अनुरूप शाह को आरोप मुक्त किया है। इसी भांति कोर्ट ने बीएस येड्डीयुरप्पा पर लगे सभी आरोपों को खारिज किया है। सुरेश कुमार ने कहा कि सिद्दरामैया ने सीआईडी के माध्यम से अपने आरोपी मंत्रियों को क्लीन चिट देने का काम किया है जबकि भाजपा के दानों नेताओं को न्यायिक प्रक्रिया से आरोप मुक्त किया गया है। यह अपमानजनक है कि सिद्दरामैया हमारे नेताओं को अपराधी कहें। कुमार ने कहा कि केन्द्र में सत्तारुढ एक राष्ट्रीय पार्टी के अध्यक्ष होने के साथ ही राज्य सभा सांसद होने के नाते शाह को अधिकार है कि वे केन्द्र द्वारा कांग्रेस शासित राज्य को उपलब्ध कराए गए फंड का हिसाब मांगंे। उन्होंने कहा कि लोक सभा और राज्य सभा सांसद का क्षेत्र सीमित नहीं होता है। उसे पूरा अधिकार होता है कि वे देश के किसी भी हिस्से में होने वाले विकास से संबंधित सवाल करें। हमें अफसोस है कि कर्नाटक के मुख्यमंत्री को संसदीय प्रणाली के कामकाज पर प्राथमिक ज्ञान नहीं है। सुरेश कुमार ने कहा कि अगर राहुल गांधी जो कांग्रेस के उपाध्यक्ष मात्र हैं, उन्हें राज्य सरकार की योजना का उद्घाटन करने का अधिकार है तो उसी आधार पर अमित शाह को पूरा अधिकार है कि वे केन्द्र द्वारा राज्य को जारी फंड पर सवाल करें।