बेंगलूरु। भाजपा सांसद और प्रदेश भाजपा महासचिव शोभा करंदलाजे ने दक्षिण कन्ऩड जिले में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) कार्यकर्ता शरत मडिवाला पर हुए हमले, उसकी मौत और उससे जु़डे घटनाक्रम की जांच राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) से करवाने की मांग की है। शनिवार को यहां पत्रकारों से बातचीत में शोभा ने कहा कि शरत मडिवाला के साथ ही पिछले तीन वर्षों में हुई ३० हत्याओं की तह तक पहुंचने के लिए इन घटनाओं की जांच भी एनआईए से ही करवाई जानी चाहिए्। इस बारे में उन्होंने केंद्रीय गृह मंत्री राजनाथ सिंह से फोन पर बातचीत करने का दावा किया और उन्हें इस बारे में लिखित जानकारी भेजने की बात भी कही। उन्होंने कहा, ’’मैं मांग करती हूं कि पॉप्युलर फ्रंट ऑफ इंडिया (पीएफआई) और केएफडी जैसे संगठनों को तत्काल प्रभाव से प्रतिबंधित किया जाए।’’गौरतलब है कि पिछले ४२ दिनों से दक्षिण कन्ऩड जिले में प्रशासन ने निषेधाज्ञा लागू कर रखी है लेकिन मुख्यमंत्री सिद्दरामैया के दौरे के लिए इस निषेधाज्ञा में दो घंटे की छूट दे दी गई। दूसरी तरफ, शरत मडिवाला की अंतिम यात्रा में शामिल होने के वहां पहुंचीं शोभा करंदलाजे के खिलाफ पुलिस ने बिना देरी किए प्राथमिकी (एफआईआर) दर्ज कर ली। शोभा ने मांग की कि अगर उनके खिलाफ प्राथमिकी दर्ज करना सही था तो इसी प्रकार की प्राथमिकी मुख्यमंत्री सिद्दरामैया के खिलाफ भी दर्ज की जानी चाहिए, क्योंकि उन्होंने भी निषेधाज्ञा का उल्लंघन किया है। शोभा करंदलाजे ने मांग की कि दक्षिण कन्ऩड जिले के हालात के मद्देनजर राज्य मंत्रिमंडल के दो सदस्य रामनाथ राय और यूटी कादर को तत्काल प्रभाव से हटाया जाए। उन्होंने दावा किया कि जिले में हालात को नाजुक मो़ड पर पहुंचाने के लिए यही दोनों मंत्री जिम्मेदार हैं। उन्होंने दावा किया कि शरत मडिवाला और अन्य हत्याकांडों में एक स्पष्ट समरूपता है, जो केरल में कई बार देखने को मिला है। कर्नाटक की कांग्रेस सरकार इस राज्य को भी केरल में तब्दील करना चाहती है।