सत्तारुढ दल में नेतृत्व को लेकर भ्रम की स्थिति बरकरार

लोकसभा उपाध्यक्ष थंबीदुरै ने मुख्यमंत्री से मांगा स्पष्टीकरण

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चेन्नई। राज्य की सत्तारुढ अखिल भारतीय अन्ना द्रवि़ड मुनेत्र कषगम में नेतृत्व को लेकर पैदा हुआ भ्रम अभी तक बरकरार है। पार्टी में नेतृत्व को लेकर एक बार फिर से आपसी मतभेद गहराता दिखाई दे रहा है। टीटीवी दिनाकरण को आयकर विभाग के अधिकारियों को कथित तौर पर रिश्वत देने के मामले में जमानत मिलने और उनकी राज्य में वापसी के बाद स्थिति लगातार बिग़डती जा रही है। हालांकि मुख्यमंत्री पलानीसामी ने अभी तक स्वयं दिनाकरण या शशिकला परिवार के बारे में कुछ भी नहीं किया है लेकिन पार्टी में अपना समर्थन करने वाले विधायकों को लामबंद करने में जुटे हुए हैं। मुख्यमंत्री द्वारा स्वयं को पार्टी का नेतृत्वकर्ता के तौर पर पेश करने की कोशिश की जा रही है और यही कारण है कि दिनाकरण का समर्थन करने वाले पार्टी के नेताओं को यह बात पसंद नहीं आ रही है। मंगलवार को अन्नाद्रमुक के वरिष्ठ नेता और लोकसभा के उपाध्यक्ष थंबीदुरै ने यहां पत्रकारों से बातचीत के दौरान कहा कि पार्टी का नेतृत्व किसके हाथों में है इसके बारे में मुख्यमंत्री पलानीसामी को स्पष्ट करना चाहिए। ज्ञातव्य है कि हाल ही में पलानीसामी ने कहा था कि सत्तारुढ अन्नाद्रमुक (अम्मा) के विधायक आगामी राष्ट्रपति चुनाव में राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन के प्रत्याशी रामनाथ कोविंद का समर्थन करेंगे। इसके बाद से ही पलानीसामी के खिलाफ शशिकला और दिनाकरण समर्थकों का हमला तेज हो गया है। अन्नाद्रमुक (अम्मा) द्वारा राष्ट्रपति चुनाव में राजग प्रत्याशी को समर्थन देने के बाद यह कहा गया था कि यह निर्णय मुख्यमंत्री पलानीसामी के निर्देश पर लिया गया है। हालांकि मंगलवार को थंबीदुरै ने पत्रकारों से बातचीत के दौरान कहा कि राष्ट्रपति चुनाव में कोविंद का समर्थन करना पार्टी आलाकमान का निर्णय था। थंबीदुरै ने कहा कि मेरा मानना है कि अन्नाद्रमुक के दोनों ध़डों (सत्तारुढ अन्नाद्रमुक और पन्नीरसेल्वम ध़डे) को एक साथ आ जाना चाहिए और अन्नाद्रमुक के पुराने चुनाव चिन्ह दो पत्तियों के निशान को प्राप्त करने की दिशा में पहल करनी चाहिए। उन्होंने कहा कि सब लोग जानते हैं कि असली अन्नाद्रमुक कौन है। थंबीदुरै ने कहा कि पार्टी के हित में दोनों ध़डों को एक साथ में आ जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री पलानीसामी को सामने आना चाहिए और यह बताना चाहिए कि सत्तारुढ पार्टी में किसी प्रकार का मतभेद नहीं है और राजग के राष्ट्रपति प्रत्याशी का समर्थन करने का निर्णय पार्टी आलाकमान का था। हालांकि पलानीसामी का समर्थन करने वाले अन्नाद्रमुक (अम्मा) के सांसदों जी. हरि और अरुणमोझी देवन और विधायक मुरुगा मारन ने थंबीदुरै के इस बयान की आलोचना की है। मंगलवार को सांसद जी हरि ने थंबदुरै पर पलटवार करते हुए कहा कि पलानीसामी द्वारा पार्टी और सरकार दोनों का नेतृत्व किया जाना चाहिए। इसके साथ ही उन्होंने यह भी कहा कि शशिकला और उसके परिवार के सदस्यों को पार्टी से बाहर निकाल दिया जाना चाहिए। पलानीसामी समर्थकों द्वारा इस प्रकार का बयान देने के बाद मंगलवार को ही दिनाकरण का समर्थन करने वाले अन्नाद्रमुक विधायक वेट्रीवेल और तंगा तमिलसेल्वन ने पत्रकारों से बातचीत के दौरान कहा कि शशिकला को कोई भी पार्टी से नहीं निकाल सकता है।