बंेंगलूरु। बेंगलूरु में अपशिष्ट पदार्थों का निस्तारण प्रभावी ढंग से नहीं करने के कारण हमेशा आलोचनाओं का सामना करने वाली बृहत बेंगलूरु महानगरपालिका (बीबीएमपी) ने अपने अधिकार क्षेत्र में काम करने वाले पौरकर्मियों को ठेकेदारों के कारण होने वाली परेशानियों से निजात दिलाने के लिए पौरकर्मियों की सहकारी सोसाइटी बनाने का निर्णय लिया है। पालिका वार्ड स्तर पर ठोस अपशिष्ट प्रबंधन से जु़डे कार्य, करार पर करने वाले कर्मचारियों के लिए सहकारी सोसाइटियों का गठन करेगी। ऐसा करने पर करार पर कार्य करने वाले सफाई कर्मचारियों को ठेकेदारों द्वारा समय से उनके भत्ते का भुगतान नहीं करने जैसी समस्याओं का समाधान किया जा सकेगा। इन मजदूरों को काम पर रखने वाले ठेकेदार कई बार उन्हें समय से वेतन का भुगतान नहीं करते जिससे यह अचानक काम पर आना बंद कर देते हैं और ठोस अपशिष्ट प्रबंधन से जु़डा कार्य प्रभावित होता है। इसके बाद पौरकर्मियों को कार्य पर रखने के लिए ठेकेदारों के साथ करार करने के बाद सीधे इन सोसाइटियों से करार किया जाएगा।फ्द्बय्ञ्च् ब्ह्ख्र्‍ ट्ठष्ठ·र्ष्ठैंख्रय्द्यह्र ·र्ैंर्‍ द्बद्मद्बय्द्मर्‍पालिका के ठोस अपशिष्ट प्रबंधन विशेषज्ञों के अनुसार पालिका का यह कदम ठेेकेदारों की मनमानी समाप्त करने की दिशा में उठाया गया एक बेहतरीन कदम साबित होगा। हाल ही में शहर में अपशिष्ट पदार्थों के निस्तारण से संबंधित कार्यों का ठेका लेने वाले ठेकेदारों ने पालिक द्वारा आमंत्रित निविदाओं का सामूहिक रुप से बहिष्कार कर दिया था और इसके बाद पालिके को इन ठेकेदारों द्वारा कार्य के बदले मांगी गई मनमानी कीमत देने के लिए बाध्य होना प़डा था। इसके साथ ही पौरकर्मियों को ठेकेदारों द्वारा प्रताि़डत नहीं किया जा सकेगा। हालांकि पौरकर्मियों को इस बात का डर सता रहा है कि पालिका की ओर से इस प्रकार की सोसाइटियों का गठन कर उनके द्वारा करार पर कार्य करने वाले कर्मचारियों को नियमित करने के संबंध मंें की जा रही मांग को दरकिनार करने की कोशिश की जा रही है। कुछ पौरकर्मियों का कहना है कि इन सोसाइटियों का गठन करने के बाद पालिका पौरकर्मियों को भुगतान करने के बदले सोसाइटी को भुगतान करेगी ऐसे में यदि भुगतान संबंधी कोई मुद्दा सामने आता है तो पालिका इसे सोसाइटी की जिम्मेदारी बता कर पल्ला झा़ड लेगी।फ्ब्य्द्भ·र्ैं ·र्ैंय्द्भश्च·र्ैंय्द्यर्‍ ृ्यद्नद्भैंत्रय् ब्ह्रख्ष्ठ फ्ह्फ्य्ं्यट्टद्भह्र ·र्ष्ठैं फ्र्‍ंश्चृय्ष्ठ इन सोसाइटियों को ‘बीबीएमपी लिंक वर्कर्स कॉपरेटिव सोसाइटी’’ नाम दिया जाएगा और इसमें पौरकर्मियों के साथ ही करार पर कार्य करने वाले झा़डू लगाने वाले तथा कचरा एकत्रित करने वाले कर्मचारियों को शामिल किया जाएगा। इससे इन मजदूरों को ठेकेदारों द्वारा होने वाले शोषण से मुक्ति मिलेगी। इसके साथ ही इन्हें अपनी सोसाइटी के अध्यक्ष और अन्य पदाधिकारियों को चुनने की आजादी भी होगी। इन सोसाइटियों का संचालन सुगमता के साथ किया जा सके इसलिए पालिका द्वारा सहायक कार्यकारी अभियंता स्तर के एक अधिकारी को सोसाइटी के मुख्य कार्यकारी अधिकारी (सीईओ) के रुप में नियुक्त किया जाएगा। पालिका सफाईकर्मचारियों के वेतन का भुगतान इन सोसाइटियों को करेगी और सोसाइटियां उप नियमों और करार के मसौदे के अनुसार वेतन इन कर्मचारियों को दे देगी।झ्श्नह्वद्भष्ठ·र्ैं फ्ह्फ्य्ंट्टर्‍ द्बष्ठ्र ब्ह्ख्य् ॅ·र्ैं झ्श्नद्धैंथ्द्म द्धह्ठ्ठश्चपालिके ने सभी सोसाइटियों में एक १६ सदस्यीय प्रबंधन बोर्ड गठित करने का मसौदा तैयार किया है। इन सदस्यों में से तीन सदस्य पालिका के मुख्य अभियंता होंगे तथा ठोस प्रबंधन में एक मास्टर ट्रेनर और नागरिक कल्याण संघ के एक प्रतिनिधि को भी इस बोर्ड में मौका दिया जाएगा। हालांकि इस बोर्ड को वोट करने अथवा लाभ में हिस्सेदार बनने का अधिकार है। प्रत्येक बोर्ड की कार्य अवधि पांच वर्षों की होगी। इसके लिए बनाए जाने वाले कार्यालय में उपलब्ध कराई जाने वाली वस्तुओं को खरीदने में होने वाला सारा खर्च पालिके वहन करेगी। प्रत्येक सोसाइटी में वार्ड काउंसलर और वार्ड कमेटी की अगुवाई वाला एक सलाहकार बोर्ड भी होगा।झ्श्नय्द्भह्यख्·र्ैं त्रह्रद्य झ्द्य र्ींू प्य्ठ्ठह्न द्बष्ठ्र प्रय्रुर्ङैं ब्ह्ख्र्‍ झ्यद्यद्भह्ज्द्मय्पालिके ने इन सोसाइटियांेका गठन प्रायोगिक परियोजना के तौर पर अपने अधीन आने वाले १५ वार्डों में करने का निर्णय लिया है। यह सभी वार्ड बैतरायनयनपुरा और सर्वज्ञनगर में स्थित होंगे। यह वार्ड उत्तर बेंगलूरु विधानसभा क्षेत्र और पूर्व बेंगलूरु विधानसभा क्षेत्र में स्थित होंगे। पालिका में ठोस अपशिष्ट प्रबंधन से जु़डे कार्यों को देखने वाले अधिकारियों के अनुसार इन सोसाइटियों और पालिका के बीच होने वाले करार से संबंधित उप नियमों और आपसी समझौते के मसौदे तैयार कर लिए गए हैं। एक अंग्रेजी अखबार की खबर के अनुसार सर्वज्ञनगर के पांच वार्डों में सफाई करने वाले पौरकर्मियों की सहकारी सोसाइटियों का प्रस्ताव तैयार किया जा चुका है और बाकी बचे वार्डो में गठित होने वाली सोसाइटियों को प्रस्ताव भी इस सप्ताह के अंत तक तैयार कर लिए जाने की उम्मीद है।

अपशिष्ट प्रबंधन विशेषज्ञों के अनुसार पालिका का यह कदम ठेेकेदारों की मनमानी समाप्त करने की दिशा में उठाया गया एक बेहतरीन कदम साबित होगा। सभी सोसाइटियों में एक 16 सदस्यीय प्रबंधन बोर्ड गठित करने का मसौदा तैयार किया है। इन सदस्यों में से तीन सदस्य पालिका के मुख्य अभियंता होंगे तथा ठोस प्रबंधन में एक मास्टर ट्रेनर और नागरिक कल्याण संघ के एक प्रतिनिधि को भी इस बोर्ड में मौका दिया जाएगा।