बांग्लादेश मुक्ति संग्राम में पाक को पछाड़ने वाले कर्नल मंडप्पा का सम्मान, सौंपी गई विजय मशाल

कर्नल मंडप्पा को विजय मशाल सौंपते सैन्य अधिकारी।
कर्नल मंडप्पा को विजय मशाल सौंपते सैन्य अधिकारी।

बेंगलूरु/दक्षिण भारत। पाकिस्तान के साथ साल 1971 में हुए युद्ध के नायक, वीर चक्र विजेता कर्नल एम. मंडप्पा रवि (सेवानिवृत्त) को कोरमंगला में उनके निवास पर सम्मानित किया गया। मंडप्पा को मेजर जनरल जेवी प्रसाद, जनरल ऑफिसर कमांडिंग, कर्नाटक एवं केरल सब एरिया द्वारा विजय मशाल सौंपी गई।

युद्ध नायक को अन्य युद्ध दिग्गजों और अधिकारियों की उपस्थिति में सम्मानित किया गया। बता दें कि दिसंबर 1971 में भारतीय सेना की पाकिस्तान पर जीत के उपलक्ष्य में साल 2021 को ‘स्वर्णिम विजय वर्ष’ के रूप में मनाया जा रहा है।

भारतीय सेना के इस पराक्रम से बांग्लादेश को आजादी मिली थी। वहीं पाक फौज के 93,000 अधिकारियों और जवानों ने आत्मसमर्पण किया था। यह दूसरे विश्वयुद्ध के बाद सबसे बड़ा सैन्य आत्मसमर्पण था।

इस मौके को खास बनाने के लिए, पायनियर कॉर्प्स ट्रेनिंग सेंटर द्वारा ‘1971 के युद्ध में विजय की 50वीं वर्षगांठ’ पर पेंटिंग प्रतियोगिता भी आयोजित की गई।

बता दें कि कर्नल मंडप्पा उस युद्ध में 10 बिहार रेजिमेंट की एक कंपनी की कमान संभाल रहे थे। उन्हें पूर्वी सेक्टर में उस जगह पर कब्जे का जिम्मा सौंपा गया जहां पाक काफी मजबूत स्थिति में था।

इस कार्रवाई के दौरान उनकी कंपनी दुश्मन के निशाने पर आ गई थी। कर्नल मंडप्पा भी गंभीर रूप से घायल हो गए थे। उन्होंने इसके बावजूद अपने जवानों का नेतृत्व किया और पाक के कब्जे से वह इलाका ले लिया। कर्नल मंडप्पा ने दुश्मन के एक टैंक पर भी कब्जा कर लिया था। उन्हें इस बहादुरी के लिए वीर चक्र से सम्मानित किया गया था।