प्रतीकात्मक चित्र
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बेंगलूरु/दक्षिण भारत। कर्नाटक में कोरोना को लेकर बनी तकनीकी परामर्श समिति (टीएसी) ने आशंका जताई है कि अगले साल जनवरी-फरवरी में इस महामारी की दूसरी लहर आ सकती है। इसने सरकारी और निजी अस्पतालों में नैदानिक सुविधाओं को बिस्तरों, आईसीयू, वेंटिलेटर आदि को लेकर जनवरी के पहले हफ्ते से अक्टूबर माह के स्तर की तरह ही तैयारी के लिए कहा है।

बता दें कि अक्टूबर में हर रोज 10 हजार से ज्यादा मामले सामने आ रहे थे, जिनके मद्देनजर बड़े स्तर पर इंतजाम किए गए थे। समिति ने यह भी कहा कि ‘या ऐसी व्यवस्था हो कि निर्देश पर दो-तीन दिनों की अवधि में ही इन सुविधाओं में बढ़ोतरी की जा सके।

समिति की सिफारिशों में कहा गया है कि 26 दिसंबर से एक जनवरी तक सार्वजनिक रूप से होने वाले जश्न पर पाबंदी लगाई जाए। इसके अलावा, इस ​अवधि में रात को कर्फ्यू लगाया जाए। समिति ने कहा कि राज्य में सात दिनों में कोरोना मामलों की औसत वृद्धि दर और पुनरुत्पादन संख्या (आरओ) का आकलन कर महामारी की दूसरी लहर का शीघ्र पता लगाया जा सकता है।

वहीं, राज्य के स्वास्थ्य मंत्री के. सुधाकर ने कहा कि समिति की सिफारिशों के संबंध में सरकार के स्तर पर बैठक की जाएगी। उन्होंने कहा कि अगले कुछ दिनों में इस संदर्भ में एक बैठक होगी। बैठक में जो बात निकलकर सामने आएगी, उस पर मुख्यमंत्री से चर्चा की जाएगी और अंतिम फैसला किया जाएगा।