बेंगलूरु। भाजपा राज्य अध्यक्ष बीएस येड्डीयुरप्पा ने सोमवार को अपने डॉलर्स कॉलोनी स्थित निवास स्थान पर ३३ दलित परिवारों के करीब १०० लोगों के भोजन की मेजबानी की। ये ऐसे दलित परिवार थे जिनके घरों में येड्डीयुरप्पा ने अपने हाल ही में संपन्न राज्य के जन संपर्क अभियान के दौरान नाश्ता किया था। दलितों को अपने घर पर भोजन कराने की मेजबानी करने के बाद येड्डीयुरप्पा ने कहा कि आज का दिन मेरे जीवन का एक यादगार दिन है। मैं दलित परिवारों को धन्यवाद देता हूं कि उन्होंने भोजन पर आने के मेरे निमंत्रण को स्वीकारा और मुझे मेजबानी करना का अवसर दिया। राज्य के ३१ जिलों से आए दलित परिवारों के १०२ सदस्यों में ४३ दंपत्ति थे जबकि अन्य उनके परिवार सदस्य थे। येड्डीयुरप्पा ने अपने मुख्यमंत्रित्वकाल में दलित परिवारों के लिए शुरु की गई योजनाआंे का जिक्र करते हुए कहा कि मैंने दलित परिवारों की ल़डकियों के लिए भाग्यलक्ष्मी योजना शुरु की थी। उन्होंने कहा कि अन्य राजनीतिक दलों की आपत्तियों के बावजूद मैं लगातार दलित परिवारों के घरों का दौरा करता रहूंगा। उन्होंने कहा कि जब मैंने दलितों के घरों का दौरा किया तब मैंने व्यक्तिगत रूप से उनकी जीवन शैली को देखा। मैं कभी भी दलित लोगों से मिले स्नेह और प्यार को नहीं भूल सकता हूं। झ्रूद्यय् झ्यद्यप्य्द्य यख्य् द्यब्य् फ्ष्ठप्य् फ्ह्व·र्ैंय्द्य द्बष्ठ्रइस अवसर पर उपस्थित श्री मदारा चेन्नई स्वामीजी ने अपना आशीर्वाद प्रदान किया और येड्डीयुरप्पा की पहल की सराहना की। येड्डीयुरप्पा और उनके परिवार के सदस्यों ने गर्मजोशी से दलितों का स्वागत किया और उनके सत्कार में बढचढ कर भाग लिया। येड्डीयुरप्पा की बेटी ने जहां रसोई का जिम्मा संभाल रखा था वहीं उनके बेटों राघवेन्द्र और विजयेन्द्र व्यवस्थाओं की देखरेख में लगे थे। इस अवसर पर कई भाजपा नेता भी उपस्थित थे जिनमें गोविंद करजोल, सीएम उदासी, शोभा करंदलाजे, कुमार बंगारप्पा आदि शामिल थे। भोजन में परंपरागत १८ प्रकार के दक्षिण भारतीय व्यंजन परोसे गए। भोजन कराने के अतिरिक्त दलितों को सत्कार भाव से विदाई भी दी गई जिसके तहत उन्हें दो जो़डी धोती, शर्ट, दो जो़डी सा़डी, फूल, फल आदि भेंट किया गया। बाद में दलित मेहमानों को बेंगलूरु भ्रमण की भी व्यवस्था की गई और उन्हांेने विधानसौधा, कब्बन पार्क, लालबाग आदि घूमा। गौरतलब है कि वर्ष-२०१८ कर्नाटक विधानसभा चुनाव में मुख्यमंत्री पद के उम्मीदवार बीएस येड्डीयुरप्पा ने १५० विधानसभा सीटें जीतने का लक्ष्य रखा है और वे पूरी तरह से चुनावी तैयारियों में जुट गए हैं। वे लगातार पार्टी कार्यकर्ताओं को प्रोत्साहित कर रहे हैं ताकि भाजपा दूसरी बार कर्नाटक की सत्ता में वापस आए। चूकि कर्नाटक में दलित मतदाताओं की संख्या करीब ३५ प्रतिशत है इसलिए भाजपा के मिशन-१५० के लक्ष्य को हासिल करने के लिए दलित मतदाता बेहद महत्वपूर्ण हैं। भाजपा प्रवक्ता एस सुरेश कुमार ने एक बयान में कहा कि दलितों के घरों में जाकर उन्हें अपने घर में आमंत्रित करके, येड्डीयुरप्पा ने भाजपा की प्रतिबद्धता और नारे ’’दलित घरों की ओर भाजपा की यात्रा’’ में एक नया अध्याय लिखा है। येड्डीयुरप्पा ने दलित कल्याण के प्रति अपनी व्यक्तिगत प्रतिबद्धता और समाज में सामाजिक सद्भावना पैदा करने की आवश्यकता को अपने कृत्यों और कर्मों से प्रदर्शित किया है जो राजनीति से ब़डा है।