तिरुपति मंदिर
तिरुपति मंदिर

तिरुपति/दक्षिण भारत। आंध्र प्रदेश में तिरुमाला वेंकटेश्वर मंदिर 11 जून को फिर से खोले जाने के बाद तिरुमाला तिरुपति देवस्थानम के 743 कर्मचारी कोरोना वायरस से संक्रमित हो चुके हैं। हालांकि इनमें से 402 लोग ठीक हो चुके हैं। एक समाचार एजेंसी की रिपोर्ट में यह जानकारी दी गई है।

ट्रस्ट के कार्यकारी अधिकारी अनिल कुमार सिंघल ने कहा है कि मंदिर के तीन कर्मचारियों की कोरोना के कारण मौत हो चुकी है।

सिंघल ने कहा कि जो लोग संक्रमित पाए गए, उनमें विशेष सुरक्षा बल, सतर्कता विभाग, सफाई कर्मचारियों के अलावा नियमित कर्मचारी भी शामिल हैं। रिपोर्ट के अनुसार, अब तक कुल 402 लोग स्वस्थ हो चुके हैं।

सिंघल ने कहा कि जुलाई में लगभग 2.38 लाख श्रद्धालुओं ने पवित्र स्थान की यात्रा की। मंदिर 11 जून को दोबारा खुलने के बाद से हर दिन 12,000 श्रद्धालुओं को दर्शन की अनुमति देता है।

मंदिर ट्रस्ट के अधिकारी ने रिपोर्ट में इस बात को खारिज किया कि लाभ कमाने के लिए कोरोना वायरस के प्रकोप के बीच इसे फिर से खोला गया। ‘शुरू में सभी ने टीटीडी के कदम की सराहना की थी।’

सिंघल ने कहा कि मामले बढ़ने के बाद मंदिर को दोषी ठहराया जाने लगा और इन अफवाहों के पीछे निहित स्वार्थ वाले लोगों पर संदेह है।

सिंघल ने दावा किया कि मंदिर का ट्रस्ट कोविड-19 के प्रसार को रोकने के लिए एहतियाती उपाय करने में, मिल रहे राजस्व से भी अधिक पैसा खर्च कर रहा है।

उन्होंने कहा, ‘अब तक, श्रद्धालुओं ने दर्शन, आवास, कल्याण कट्टा, लड्डू, अन्नप्रसादम और टीटीडी द्वारा मुहैया कराई गईं अन्य सुविधाओं पर अत्यधिक संतोष व्यक्त किया है। केवल तिरुपति में ही कोरोना के मामलों में वृद्धि नहीं हुई है, बल्कि पूरे राज्य के साथ-साथ देश भी इसी तरह की समस्या का सामना कर रहा है।’

बता दें कि कई कर्मचारियों के कोरोना पॉजिटिव पाए जाने के बाद महामारी के प्रसार के दौरान तिरुमाला मंदिर को खुला रखने के ट्रस्ट के फैसले पर पिछले महीने विवाद छिड़ गया था।

तिरुमाला तिरुपति देवस्थानम के पूर्व प्रधान पुजारी श्रीनिवास दीक्षितुलु की 17 जुलाई को मौत हो गई थी। ट्रस्ट के एक सलाहकार एवी रमना दीक्षितुलु और कई अन्य लोगों ने मंदिर के अधिकारियों से पुजारियों की सुरक्षा के लिए कुछ समय के लिए मंदिर के पट बंद करने का आग्रह किया था।

हालांकि, मंदिर ट्रस्ट के अध्यक्ष वाईवी सुब्बा रेड्डी ने कहा था कि मंदिर प्रबंधन ‘स्थिति की निगरानी’ कर रहा है और मंदिर खुला रहेगा। उन्होंने कहा था कि संक्रमितों में लगभग आधे ठीक हो चुके हैं और तीर्थयात्रियों के पॉजिटिव पाए जाने का कोई सबूत नहीं था।