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कोविड-19 रोधी टीके की बूस्टर खुराक महामारी से निपटने के लिए जरूरी: बोम्मई
स्वतंत्रता के 75 साल पूरे होने के उपलक्ष्य में केंद्र सरकार द्वारा शनिवार से अगले 75 दिन के लिए ‘घर-घर दस्तक’ नाम से बूस्टर खुराक लगाने का अभियान शुरू किया गया है
 
बोम्मई ने कहा- कोविड-19 का बचा-खुचा प्रभाव तत्काल नहीं जाने वाला

बेंगलूरु/भाषा। कर्नाटक के मुख्यमंत्री बसवराज बोम्मई ने शनिवार को कहा कि कोविड-19 रोधी टीके की ‘बूस्टर’ खुराक इससे निपटने के लिए जरूरी है क्योंकि महामारी का क्रमिक प्रभाव नुकसानदायक हो सकता है।

उन्होंने कहा कि देश की स्वतंत्रता के 75 साल पूरे होने के उपलक्ष्य में केंद्र सरकार द्वारा शनिवार से अगले 75 दिन के लिए ‘घर-घर दस्तक’ नाम से बूस्टर खुराक लगाने का अभियान शुरू किया गया है।

राज्य में 18 साल से अधिक आयु के लोगों के लिए अगले 75 दिनों तक बूस्टर खुराक देने का अभियान शुरू करते हुए बोम्मई ने कहा, कोविड-19 का बचा-खुचा प्रभाव तत्काल नहीं जाने वाला। इसका क्रमिक प्रभाव देखने को मिलेगा। इसलिए हमें सभी प्रकार की सतर्कता बरतनी होगी।

मुख्यमंत्री ने कहा कि अगर देश सही समय पर सही कदम उठाए तो महामारी को नियंत्रण में लाया जा सकता है। उन्होंने कहा कि भारत सरकार और विश्व स्वास्थ्य संगठन ने इस पर जोर दिया है।

बोम्मई ने कहा, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने महामारी से निपटने के लिए आगे बढ़कर राष्ट्र का नेतृत्व किया और इस अभियान की शुरुआत की। कर्नाटक की ओर से मैं उनका आभार व्यक्त करता हूं।

मुख्यमंत्री ने कहा कि केंद्र सरकार ने मुफ्त में टीके देकर राज्य को बड़े वित्तीय भार से बचा लिया।

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