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बेंगलूरु में सड़क पर करंट से युवती की मौत मामले में मुआवजे के लिए बेसकॉम ने क्या कहा?
सोमवार देर रात घर लौटते समय करंट लगने से युवती अखिला की मौत से लोगों में आक्रोश है
 
लोगों को जलमग्न रास्तों के बीच से आवागमन करना पड़ रहा है

बेंगलूरु/दक्षिण भारत। बेंगलूरु में एक 23 वर्षीया कामकाजी युवती की करंट लगने से मौत के एक दिन बाद बेंगलूरु में बिजली आपूर्ति कंपनी बेसकॉम ने घटना से पल्ला झाड़ लिया है।

मीडिया रिपोर्टों के अनुसार, बेसकॉम ने सारा दोष एक विज्ञापन एजेंसी पर डाल दिया है और अपनी रिपोर्ट में कहा है कि विज्ञापनदाता द्वारा लापरवाही बिजली के झटके का एकमात्र कारण है, लिहाजा कंपनी को मुआवजा देना होगा।

बता दें कि सोमवार देर रात घर लौटते समय करंट लगने से युवती अखिला की मौत से लोगों में आक्रोश है। वे स्कूटी पर थीं और व्हाइटफील्ड पुलिस थाना क्षेत्र के भीतर सड़क के उस हिस्से से गुजर रही थीं, जो पानी में डूबा था।

अखिला एक निजी स्कूल में काम करती थीं। वे स्कूटी चलाते समय असंतुलित हो गई थीं। इस दौरान उन्होंने सड़क किनारे लगे बिजली के खंभे को पकड़ लिया था। इससे उन्हें करंट लगा और मौत हो गई।

इस संबंध में लोगों ने बेसकॉम की लापरवाही पर सवाल उठाया है। घटना की रिपोर्ट बेसकॉम के प्रबंध निदेशक को सौंप दी गई है। रिपोर्ट में कहा गया है कि करंट लगने से युवती की मौत के लिए बेसकॉम जिम्मेदार नहीं है।

इसमें कहा गया है कि कंपनी को पीड़ित परिवार को मुआवजा देना चाहिए और इस मामले में किसी भी तरह से मुआवजा देने के लिए बेसकॉम के पास कोई प्रावधान नहीं है।

मीडिया रिपोर्टों के अनुसार, निरीक्षण के दौरान, बेसकॉम के एक सहायक अभियंता ने बताया कि विज्ञापन बोर्ड से जुड़ी केबल को छील दिया गया था और युवती करंट का शिकार हो गई।

रिपोर्ट कहती है कि बेसकॉम के पास केवल बिजली की आपूर्ति करने की शक्ति और अधिकार क्षेत्र है। वायरिंग सिस्टम का प्रबंधन संबंधित कंपनियों द्वारा किया जाना चाहिए, जो विज्ञापन बोर्ड लगाती हैं। इसलिए, अगर कंपनी ने वायरिंग सिस्टम को ठीक से संभाला होता, तो यह दुर्घटना नहीं होती।

हालांकि, घटना के बाद से लोगों में घबराहट है, क्योंकि बाढ़ वाले इलाकों में बिजली के कई खंभे बहकर आ गए हैं। ऐसे में लोगों को जलमग्न रास्तों के बीच से आवागमन करना पड़ रहा है।

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