कार्तिक रेड्डी
कार्तिक रेड्डी

नई दिल्ली/दक्षिण भारत। चिकित्सा पाठ्यक्रम प्रवेश परीक्षा नीट में आकांक्षा सिंह ने इतिहास रचा। हालांकि उन्हें दूसरी रैंक मिली जबकि उन्होंने प्रथम स्थान पर रहे शोएब आफताब के बराबर (720 में से 720) अंक हासिल किए थे। दरअसल ऐसा राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी (एनटीए) की बराबर अंक आने पर वरिष्ठता तय करने की प्रणाली के कारण हुआ जिसे टाई-ब्रेकिंग नीति कहा जाता है। इसके तहत आकांक्षा सिंह की उम्र तुलनात्मक रूप से कम होने के कारण उन्हें दूसरा स्थान मिला।

अधिकारी बताते हैं कि इस नीति में उम्र के अलावा विषयों में अंक और गलत उत्तर देने जैसे बिंदुओं को भी ध्यान में रखा जाता है। चूंकि दोनों परीक्षार्थियों ने समान अंक प्राप्त किए थे, इसलिए उम्र के आधार पर रैंक तय हुई।

सफल परीक्षार्थियों की जारी सूची का अगर राज्यवार विश्लेषण करें तो ओडिशा के शोएब के बाद ​दिल्ली की आकांक्षा दूसरे स्थान पर, वहीं तेलंगाना की तुम्मला स्निकिता तीसरे स्थान पर रहीं। सूची में तमिलनाडु के सृजन आर आठवें स्थान पर रहे हैं। इस प्रकार राज्य में वे प्रथम स्थान पर रहे हैं जिन्होंने 710 अंक प्राप्त किए।

कर्नाटक के लाल ने किया कमाल
कर्नाटक के कार्तिक रेड्डी ने नौवां स्थान प्राप्त किया है। उन्होंने 710 अंक प्राप्त किए। वे कर्नाटक में प्रथम स्थान पर रहे हैं। उन्होंने कहा कि कोरोना संक्रमितों का इलाज कर रहे डॉक्टर योद्धा हैं, जो अपनी जान जोखिम में डाल रहे हैं। उनका समर्पण सराहनीय है।

कार्तिक ने कहा कि जब वे 10वीं कक्षा में थे, तभी डॉक्टर बनने का फैसला किया। अब वे दिल्ली एम्स में पढ़ाई करना चाहते हैं। उन्होंने कक्षा 11 के बाद से हर रोज आठ से 10 घंटे पढ़ाई कर यह उपलब्धि हासिल की। कार्तिक कर्नाटक से अकेले ऐसे परीक्षार्थी हैं जिन्होंने टॉप 10 में जगह बनाई।