हैदराबाद। केंद्रीय गृह मंत्री किरेन रिजिजू ने कहा कि हमारा देश किसी भी प्रकार के खतरे से निपटने में पूरी तरह से सक्षम है। भले ही यह खतरा आंतरिक हो या बाहरी। उन्होंने कहा कि देश को ‘विकसित और महान‘ बनने के लिए देशवासिसों की सुरक्षा पहले होना जरुरी है। हमें खतरा चीन या पाकिस्तान से ही नहीं बल्कि समुद्र तट सीमा से भी है। उन्होंने डोकलम और लद्दाख की घटनाओं पर चीन के साथ मौजूदा गतिरोध के बारे में कुछ भी बोलने से इनकार कर दिया। केंद्रीय मंत्री रिजिजू ने केरल में लव जेहाद के मामले में चर्चा करते हुए कहा कि उच्चतम न्यायालय के आदेश से मामले में एनआईए की जांच को एक तरह की वैधता मिली है। उच्चतम न्यायालय ने राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) को धर्मांतरण तथा एक हिंदू महिला के मुस्लिम व्यक्ति से शादी करने के एक मामले की जांच करने का आदेश दिया था। एनआईए ने दावा किया था कि यह केवल एक अकेली घटना नहीं है बल्कि केरल में उभर रहा एक चलन भी है।केरल उच्च न्यायालय ने इससे पहले शादी को रद्द करते हुए इसे लव जेहाद का मामला बताया था। रीजिजू ने कहा कि जब कहा जाता है कि कुछ महिलाओं ने कैमरे पर कथित रूप से कहा कि उन्हें इसके लिए (अंतर-धर्म विवाह) रिझाया गया तो इसका मतलब है कि मुद्दे को लेकर एक चलन साफ दिख रहा है। उन्होंने कहा, ‘आपने जिस फैसले के बारे में सुना है उससे इस तथाकथित लव जेहाद को लेकर एनआईए के इस कदम को वैधानिकता मिली है, जो माननीय उच्चतम न्यायालय की तरफ से आई है।’’ हालांकि रिजिजू ने उच्चतम न्यायालय में चल रहे मामले पर कोई टिप्पणी करने से इनकार कर दिया।उन्होंने कहा कि जब मामले की जांच की जा रही है, ऐसे में वह इस पर कोई टिप्पणी करना नहीं चाहेंगे। रिजिजू ने कहा कि एक चलन है जो दिख रहा है, लेकिन अगर मैं कोई टिप्पणी करता हूं तो जैसा मैंने कहा, ‘क्योंकि मैं गृह मंत्रालय से हूं, लोग इस मुद्दे को दूसरे दृष्टिकोेण से देखेंगेे इसलिए चलन साफ दिखने के बावजूद मैं अपनी तरफ से इसपर कोई टिप्पणी नहीं करना चाहूंगा।’’