प्रतीकात्मक चित्र
प्रतीकात्मक चित्र

बेंगलूरु/दक्षिण भारत। कर्नाटक राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड ने शुक्रवार को बताया कि शहर में सीएएक्यूएम स्टेशनों (सतत परिवेशी वायु गुणवत्ता प्रबोधन केंद्र) के एक्यूआई (वायु गुणवत्ता सूचकांक) स्थापित किए गए हैं।

बोर्ड द्वारा दी गई जानकारी के अनुसार, वेटरनरी कॉलेज हेब्बल का एक्यूआई 96 पाया गया। इसकी श्रेणी संतोषजनक और प्रमुख प्रदूषक पीएम.10 पाया गया। इसी प्रकार, जयनगर 5वां ब्लॉक, शालिनी मैदान का एक्यूआई 87, श्रेणी संतोषजनक और प्रमुख प्रदूषक पीएम2.5 मिला।

कविका, मैसूरु रोड का एक्यूआई 91, श्रेणी संतोषजनक और प्रमुख प्रदूषक पीएम.10 देखा गया। राजीव गांधी इंस्टीट्यूट ऑफ चेस्ट डिजीज, होम्बेगौड़ा नगर का एक्यूआई 63, श्रेणी संतोषजनक और प्रमुख प्रदूषक ओ3 मिला।

केंद्रीय रेशम बोर्ड के पास एचएसआर लेआउट का एक्यूआई 74, श्रेणी संतोषजनक और प्रमुख प्रदूषक पीएम2.5 पाया गया। सिटी रेलवे स्टेशन, मैजेस्टिक, बेंगलूरु का एक्यूआई 103, श्रेणी मध्यम और प्रमुख प्रदूषक पीएम10 था।

सानेगुरुवनहल्ली, निसर्ग भवन, केएसपीसीबी, शिवनगर का एक्यूआई 81, श्रेणी संतोषजनक और प्रमुख प्रदूषक पीएम10 पाया गया। बीडब्ल्यूएसएसबी, कडबेशनहल्ली का एक्यूआई 144, श्रेणी मध्यम और प्रमुख प्रदूषक सीओ था। पीन्या का एक्यूआई 73, श्रेणी संतोषजनक और प्रमुख प्रदूषक ओ3 था।

बोर्ड ने इन श्रेणियां का स्वास्थ्य पर असर के बारे में बताया कि अगर 0–50 हो तो इसे अच्छा माना जाता है। यह स्वास्थ्य के लिए न्यूनतम प्रभावी होता है। 51–100 को संतोषजनक माना जाता है। इससे संवेदनशील लोगों को सांस लेने में तकलीफ हो सकती है। 101–200 मध्यम होता है। इस स्थिति में छोटे बच्चों, बुजुर्गों और उन लोगों को सांस लेने में दिक्कत हो सकती है जिन्हें फेफड़ों और हृदय संबंधी रोग हैं।

201–300 का स्तर खराब माना जाता है। ऐसे वातावरण में लंबे समय तक रहने से सांस लेने में समस्या हो सकती है। 301–400 का स्तर बहुत खराब होता है। इस वातावरण में लंबे समय तक रहने से सांस संबंधी बीमारियां संभव हैं। अगर 401 से ज्यादा हो तो यह गंभीर स्थिति होती है। इससे स्वस्थ लोगों के श्वसन तंत्र पर भी गंभीर प्रभाव हो सकते हैं।