बीबीएमपी अवैध धार्मिक इमारतों की पहचान कर सटीक आंकड़े पेश करे: उच्च न्यायालय

प्रतीकात्मक चित्र। फोटो स्रोत: PixaBay
प्रतीकात्मक चित्र। फोटो स्रोत: PixaBay

बेंगलूरु/दक्षिण भारत। कर्नाटक उच्च न्यायालय ने बृहत् बेंगलूरु महानगर पालिके द्वारा शहर में अवैध धार्मिक इमारतों की पहचान करने के लिए किए गए एक सर्वेक्षण आलोचना करते हुए ऐसी इमारतों पर एक सटीक डेटा प्रस्तुत करने के लिए तीन सप्ताह का समय दिया है।

मुख्य न्यायाधीश अभय श्रीनिवास ओका और न्यायमूर्ति सचिन शंकर मगदुम की एक खंडपीठ ने बीबीएमपी आयुक्त एन मंजूनाथ प्रसाद से सवाल करते हुए कहा कि सार्वजनिक और निजी संपत्तियों पर प्रत्येक धार्मिक इमारतों का दौरा किए बिना सर्वेक्षण कैसे किया जा सकता है।

वहीं प्रसाद ने अपना पक्ष रखते हुए कहा कि बीबीएमपी ने शहर में 1,588 अवैध धार्मिक इमारतों की पहचान की थी जिनमें से 1,337 इमारतें 29 सितंबर, 2009 से पहले बनाई गई थी।

सुनवाई के आखिरी दिन बीबीएमपी ने 29 सितंबर, 2009 के बाद से अवैध रूप से बनाई गई 17 धार्मिक इमारतों को अदालत में रखने से पहले एक हलफनामा दायर किया था।