प्रतीकात्मक चित्र। फोटो स्रोत: PixaBay
प्रतीकात्मक चित्र। फोटो स्रोत: PixaBay

बेंगलूरु/दक्षिण भारत। कनकपुरा रोड पर आगामी ग्रीन लाइन एक्सटेंशन के आरंभ के उत्साह पर पार्किंग समस्या भारी पड़ सकती है। चूंकि पांच स्टेशनों में से किसी पर कारों के लिए पार्किंग सुविधा नहीं है। वहीं, मार्ग के तीन स्टेशनों पर दोपहिया वाहनों के लिए भी बहुत सीमित पार्किंग है।

येलचेनहल्ली और सिल्क इंस्टीट्यूट (रीच-4 बी) के बीच मेट्रो फेज-2 का पहला स्ट्रेच औपचारिक उद्घाटन के बाद शुक्रवार को जनता के लिए खोल दिया जाएगा लेकिन पार्किंग समस्या के कारण उक्त सुविधाओं को लेकर सवाल उठ रहे हैं।

सूत्रों के अनुसार, जब बेंगलूरु मेट्रो रेल कॉर्पोरेशन लिमिटेड (बीएमआरसीएल) के एक वरिष्ठ अधिकारी से पूछा गया तो उन्होंने इसका कारण जमीन उपलब्ध न होना बताया। एक अन्य अधिकारी इसका कारण जमीन ज्यादा महंगी होना बताते हैं।

वे एक कार पार्क करने के आधार पर आकलन करते हुए बताते हैं कि इससे जमीन की लागत बहुत ज्यादा हो जाएगी, लिहाजा ऐसा फैसला किया गया।

यह इलाका कोननकुंटे क्रॉस, डोड्डाकलासांद्रा, वज्रहल्ली, थलगट्टापुरा और सिल्क इंस्टीट्यूट स्टेशनों से जुड़ा है। इनमें से कोननकुंटे क्रॉस और डोड्डाकलासांद्रा के पास 1,000 वर्ग फीट जगह है जिनका उपयोग दोपहिया वाहनों की पार्किंग के लिए किया जा सकता है।

जब इस संबंध में स्थानीय लोगों की राय ली गई तो वे भी इससे नाखुश नजर आए। एक शख्स जो अपनी नौकरी के सिलसिले में रोजाना आवाजाही करते हैं, ने बताया कि यह मसला बहुत अहमियत रखता है। इसे जल्द सुलझाया जाना चाहिए। मेट्रो के आने से यकीनन कई फायदे होंगे, लेकिन पार्किंग की दिक्कत उन सब पर भारी पड़ सकती है।