प्रतीकात्मक चित्र
प्रतीकात्मक चित्र

नई दिल्ली/भाषा। दुनिया में लक्जरी आवासीय संपत्तियों की कीमतों में सालाना आधार पर वृद्धि के मामले में भारतीय शहर बेंगलूरु 26वें और दिल्ली 27वें स्थान पर हैं। इस सूची में फिलिपीन की राजधानी मनीला पहले नंबर पर है।

नाइट फ्रैंक की ‘प्रमुख वैश्विक शहर सूचकांक दूसरी तिमाही-2020’ रिपोर्ट के अनुसार सूची में मुंबई को 32वां स्थान हासिल हुआ है। पहली तिमाही की तुलना में दूसरी तिमाही में बेंगलूरु और मुंबई एक-एक पायदान चढ़े हैं, जबकि दिल्ली ने पांच स्थानों की छलांग लगाई है।

रिपोर्ट के अनुसार, अप्रैल-जून की तिमाही में पिछले वित्त वर्ष की समान तिमाही की तुलना में बेंगलूरु में लक्जरी आवासीय संपत्तियों का पूंजीगत मूल्य 0.6 प्रतिशत और दिल्ली में 0.3 प्रतिशत बढ़ा। मुंबई में इसमें 0.6 प्रतिशत की गिरावट आई।

नाइट फ्रैंक ने कहा कि सालाना आधार पर कीमतों में वृद्धि के लिहाज से बेंगलूरु 26वें स्थान पर है। दूसरी तिमाही में बेंगलूरु में लक्जरी घरों की कीमत 0.60 प्रतिशत बढ़कर 19,727 रुपए प्रति वर्ग फुट रहीं।

दिल्ली इस सूची में 27वें स्थान पर हैं। यहां सालाना आधार पर औसत कीमतें 0.30 प्रतिशत बढ़कर 33,625 रुपए प्रति वर्ग फुट रहीं। रिपोर्ट के अनुसार दूसरी तिमाही में मुंबई में कीमतें 0.60 प्रतिशत घटकर औसतन 64,388 रुपये प्रति वर्ग फुट रहीं। मुंबई सूची में 32वें स्थान पर है।

रिपोर्ट के अनुसार दुनिया के 45 शहरों में लक्जरी आवासीय संपत्तियों के दाम औसतन 0.9 प्रतिशत बढ़े हैं। यह पिछले 11 वर्ष में सबसे निचली सालाना वृद्धि है।

इस सूची में फिलिपीन की राजधानी मनीला पहले स्थान पर है। मनीला में जून, 2020 तक सालाना आधार पर लक्जरी घरों के दाम 14.4 प्रतिशत बढ़े। उसके बाद जापान के तोक्यो (8.60 प्रतिशत) तथा स्वीडन के स्टॉकहोम (4.40 प्रतिशत) का नंबर आता है। थाइलैंड की राजधानी बैंकॉक का प्रदर्शन सबसे खराब रहा हैं। वहां सालाना आधार पर लक्जरी आवासीय संपत्तियों की कीमतों में 5.8 प्रतिशत की गिरावट आई।

नाइट फ्रैंक इंडिया के चेयरमैन एवं प्रबंध निदेशक शिशिर बैजल ने कहा, ‘कोरोना वायरस महामारी की वजह से वैश्विक बाजारों में अनिश्चितता है। दुनिया के अमीर लोग महंगी खरीद को अभी टाल रहे हैं। वे इसके बजाय सोने जैसी संपत्तियों में निवेश करने को प्राथमिकता दे रहे हैं।’