15 मार्च को खुलेगा बेंगलूरु का बायप्पनहल्ली रेलवे टर्मिनल

भारतीय रेलवे। फोटो स्रोत: PixaBay
भारतीय रेलवे। फोटो स्रोत: PixaBay

बेंगलूरु/दक्षिण भारत। एक लंबे इंतजार के बाद बेंगलूरु के बायप्पनहल्ली में सर एम विश्वेश्वरैया रेलवे टर्मिनल का उद्घाटन 15 मार्च को होने की संभावना है। यह आधुनिक कोचिंग टर्मिनल है जो अत्याधुनिक सुविधाओं से लैस होगा। टर्मिनल को बेंगलूरु हवाईअड्डे की तरह डिज़ाइन किया गया है जिसमें प्रतीक्षालय, एक डिजिटल वास्तविक समय यात्री सूचना प्रणाली के साथ एक वीआईपी लाउंज और खाने की जगह भी होगी। इसमें 4 लाख लीटर की क्षमता वाला अपना खुद का पुनर्चक्रण संयंत्र (रीसायक्लिंग प्लांट) भी होगा।

देश में यह पहला केंद्रीयकृत एसी रेलवे टर्मिनल है जो प्रतिदिन 50 ट्रेनों के संचालन की क्षमता रखता है। टर्मिनल में एक अच्छी तरह से बनाए फुट ओवर ब्रिज के साथ-साथ हर तरफ से दो सबवे भी हैं जो सभी सात प्लेटफार्मों को जोड़ता है। इसके अलावा, सभी प्लेटफार्मों को जोड़ने वाले एस्केलेटर और लिफ्टों का उपयोग यात्री कर पाएंगे।

प्रेस विज्ञप्ति में कहा गया है कि स्टेशन की इमारत रोजाना 50,000 लोगों के आवागमन के लिए 4200 वर्ग मीटर के क्षेत्र को कवर करती है। टर्मिनल में आठ स्टेबल लाइनों और तीन पिट लाइनों के अलावा सात प्लेटफॉर्म हैं।

केंद्रीय रेल मंत्री पीयूष गोयल ने गुरुवार को ट्विटर पर आगामी टर्मिनल की कुछ तस्वीरें साझा कीं। प्रेस विज्ञप्ति में यह भी कहा गया है कि 164 जोड़ी एक्सप्रेस ट्रेनें और 109 जोड़ी यात्री ट्रेनें बेंगलूरु शहर के दो स्टेशनों क्रान्तिवेरा सांगोली रायन्ना (KSR) रेलवे स्टेशन और यशवंतपुर रेलवे स्टेशन में चल रही हैं। बेंगलूरु में एक्सप्रेस ट्रेनों को बढ़ाने की मांग लोग करते आ रहे हैं। मांग को पूरा करने के लिए ही नए कोचिंग टर्मिनल को बायप्पनहल्ली में बनाया गया जो शहर के केंद्र में स्थित है। टर्मिनल को 2015-16 में मंजूरी दी गई थी।

एक बार यह टर्मिनल चालू हो जाने के बाद, बेंगलूरु से मुंबई और चेन्नई जैसे अन्य प्रमुख शहरों के लिए और ट्रेनें संचालित की जा सकती हैं। इसके अलावा, कर्नाटक के अन्य सभी जिलों में बेंगलूरु को जोड़ने वाली और ट्रेनें भी चलाई जा सकती हैं। लगभग 314 करोड़ रुपए की लागत से बनाया गया तितली के आकार का यह टर्मिनल, शहर के पूर्वी छोर पर एक परिवहन केंद्र के रूप में स्थित है।