कोरोना वायरस के संक्रमण को रोकने के लिए विभिन्न सावधानियों पर गौर करना बहुत जरूरी है।
कोरोना वायरस के संक्रमण को रोकने के लिए विभिन्न सावधानियों पर गौर करना बहुत जरूरी है।

चेन्नई/दक्षिण भारत। शहर में कोरोना को लेकर राहत की खबर है। चेन्नई में कोविड-19 टेस्ट पॉजिटिविटी दर कम होकर 3.6 प्रतिशत पर आ गई है। इस प्रकार, यह दीपावली के बाद 5 प्रतिशत से नीचे रही है।

विशेषज्ञों की मानें तो 5 प्रतिशत से नीचे पॉजिटिविटी दर का मतलब है कि वायरस के प्रसार को प्रभावशाली ढंग से नियंत्रित किया गया है। इसके साथ ही वे मास्क, सोशल डिस्टेंसिंग, स्वच्छता और जरूरी सावधानी बरतने की बात दोहराते हैं।

सार्वजनिक स्वास्थ्य से संबंधित एक पूर्व वरिष्ठ अधिकारी का कहना है कि शहर अगले साल फरवरी तक हर्ड इम्युनिटी हासिल करने के करीब हो सकता है।

वहीं, चेन्नई कॉर्पोरेशन ने दीपावली के बाद से रोज कोरोना टेस्ट के आंकड़े 10,000 के करीब रखे हैं। अधिकारियों ने बताया कि लगातार टेस्ट के नतीजे के तौर पर वायरस का प्रसार काबू में आता दिख रहा है।

अधिकारियों ने कहा कि उन्होंने भारी बारिश और चक्रवात निवार जैसी विषम मौसमी परिस्थितियों के बीच भी कोरोना से लड़ाई जारी रखी और लोगों के टेस्ट किए। इसी का परिणाम है कि शहर में कोरोना के रोज करीब 400 से कम मामले आ रहे हैं, जबकि नए केसों की तुलना में डिस्चार्ज होने वाले लोगों की संख्या ज्यादा है।

अधिकारियों ने एक और राहत की जानकारी यह दी कि शहर में कोरोना के सक्रिय मामले अब सिर्फ 1.6 प्रतिशत हैं, जबकि मामलों की वृद्धि भी नकारात्मक है। उन्होंने बताया कि जब तक मामलों की संख्या शून्य पर न आ जाए, टेस्ट जारी रहेंगे।

इसके अलावा, हवाईअड्डे, रेलवे स्टेशन, बस स्टॉप और ऐसे स्थान जहां लोगों की आवाजाही ज्यादा होती है, निगरानी जारी रहेगी। हालांकि, कोरोना मामलों में कमी के बावजूद, स्वास्थ्य विशेषज्ञों ने चेतावनी दी है कि बुजुर्गों को कम से कम फरवरी तक काफी सावधानी बरतनी चाहिए।