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चिक्कबल्लापुर में फिर महसूस हुए भूकंप के झटके
बुल्लासांद्रा, कंबालाहल्ली और आसपास के गांवों में आया भूकंप
 
एक महीने में कई बार भूकंप के झटके महसूस होने से लोग 

चिक्कबल्लापुर/दक्षिण्ा भारत/ चिक्कबल्लापुर जिले के लोगों ने गुरुवार तड़के एक बार फिर भूकंप के झटके महसूस किए। झटके जिले के गुडीबंदे तालुका के बुल्लासांद्रा, कंबालाहल्ली और आसपास के गांवों में महसूस किए गए। ग्रामीणों के अनुसार, हल्के झटके पांच मिनट तक जारी रहे, इस दौरान लोग खुले में भाग निकले।  उन्होंने बताया कि झटके के कारण घरों की दीवारों में दरारें आ गईं।
 पिछले एक महीने में कई बार भूकंप के झटके महसूस होने से लोग दहशत में हैं।  गुडीबंदे तहसीलदार सिबगठ उल्ला ने गांवों का दौरा कर स्थिति का जायजा लिया है। इससे पहले 5 जनवरी को शेट्टीगेरे, अडागल, बेन्न्गिनहल्ली, गोल्लाहल्ली, बोगापर्ती गांवों में झटके महसूस किए गए थे, जिससे लोग अपने घरों से बाहर निकलने के लिए मजबूर हो गए थे। हाल के दिनों में क्षेत्र के लोगों ने तीन ऐसे झटके झेले हैं जिनमें जमीन हिल गई और घरों की अलमारियों में रखा सामान नीचे गिर गया।  जिला प्रभारी मंत्री के. सुधाकर ने 8 जनवरी को राज्य प्राकृतिक आपदा प्रबंधन केंद्र के वरिष्ठ विशेषज्ञों के साथ शेट्टीगेरे और बंदहल्ली गांवों का दौरा किया। उन्होंने लोगों से कहा था कि उन्हें जिले में मामूली भूकंप से घबराने की जरूरत नहीं है।
 जिस क्षेत्र में कई दशकों से प्रचुर मात्रा में वर्षा नहीं हुई है, उस क्षेत्र में इस वर्ष रिकॉर्ड बारिश हुई है।  सुधाकर ने समझाया था कि भूमिगत जल को रिचार्ज किया जा रहा है और इस प्रक्रिया के दौरान विस्फोटों की आवाजें होंगी और हल्के भूकंप के अनुभव महसूस किए गए हैं। विशेषज्ञों की राय के अनुसार इस क्षेत्र में भूकंप की संभावना बहुत कम है।
 लोगों को संदेह है कि इस क्षेत्र में अवैध खनन लगातार भूकंप के झटके का कारण है।  सुधाकर ने अधिकारियों को अवैध खनन के खिलाफ कार्रवाई शुरू करने और लाइसेंस प्राप्त खनन स्थलों पर विस्फोटों की निगरानी करने का भी निर्देश दिया है।