मछुआरों की मौत मामलाः ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए क्या हो स्थायी समाधान?

प्रतीकात्मक चित्र। स्रोतः PixaBay
प्रतीकात्मक चित्र। स्रोतः PixaBay

नागपट्टिनम/दक्षिण भारत। श्रीलंकाई नौसेना द्वारा एक कथित हमले के बाद नागापट्टिनम में मछुआरों के बीच यह चर्चा जोरों पर है कि हत्यारों पर मुकदमा चलाया जाए और एक स्थायी समाधान ढूंढ़ा जाए।

गौरतलब है कि सोमवार तड़के पुडुकोट्टई जिले के रामनाथपुरम के चार मछुआरों की मौत हो गई थी जो कथित रूप से पालक जलडमरूमध्य में एक श्रीलंकाई नौसेना के पोत से टकरा गए थे। उनके शवों को बुधवार को श्रीलंका के सशस्त्र बलों ने वापस ले लिया।

इस घटना ने नगाई मछली पकड़ने वाले मछुआरे गहरे सदमे में हैं। एक मछुआरे ने बताया कि हम श्रीलंका की नौसेना द्वारा उत्पीड़न के आदी हो गए हैं। घटनाओं की निंदा करने से, केंद्र को बोलने से और समाधान का आश्वासन देने से यह समस्या हल नहीं होगी। इस तरह की घटनाएं होती रहती हैं।

उन्होंने बताया कि हमारे लोगों को श्रीलंकाई सशस्त्र बलों से धमकियों का हर दिन सामना करना पड़ता है। केंद्र और राज्य ने श्रीलंका सरकार के साथ इस मुद्दे को अभी तक नहीं उठाया है।

गौरतलब है कि नागपट्टिनम जिले के वेदारण्यम तालुक के गांवों के मछुआरे अभी भी पालक जलडमरूमध्य में मछली पकड़ने के लिए जाते हैं। कोरोमंडल जल की बजाय यहां पानी का बहाव नवंबर से फरवरी तक कम रहता है और मछली भी बहुतायत में उपलब्ध होती है।