चुनाव जीतने के लिए लोगों के दिलों को जीतना होगा: डीके शिवकुमार

कर्नाटक कांग्रेस अध्यक्ष डीके शिवकुमार. फोटो स्रोत: Twitter Account
कर्नाटक कांग्रेस अध्यक्ष डीके शिवकुमार. फोटो स्रोत: Twitter Account

कलबुर्गी/दक्षिण भारत। कांग्रेस को मजबूत करने और विधानसभा चुनाव सहित आगामी सभी चुनावों में जीत की तैयार के लिए पार्टी ने मंडल स्तरीय संकल्प यात्रा आयोजित की। सोमवार को कर्नाटक प्रदेश कांग्रेस समिति के अध्यक्ष डीके शिवकुमार ने कलबुर्गी डिवीजन में संकल्प यात्रा का उद्घाटन करते हुए कहा कि किसी भी चुनाव को जीतने के लिए लोगों का दिल जीतना सबसे महत्वपूर्ण है। इसके लिए सभी कांग्रेस कार्यकर्ताओं को एकजुट होना चाहिए।

उन्होंने कहा कि कार्यकर्ताओं को यह समझना चाहिए कि किसी भी व्यक्ति की पूजा करने के बजाय पार्टी और उसकी नीतियों का प्रसार करना अधिक महत्वपूर्ण है। शिवकुमार ने कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए कहा कि वे लोगों के पास जाएं, उनकी समस्याओं को समझें और उन्हें हल करने के लिए संघर्ष करें।

उन्होंने कहा कि कार्यकर्ताओं को किसानों, दलितों और मजदूर वर्ग सहित आम आदमी के संपर्क में रहना चाहिए। पार्टी गतिविधियों के बारे में बताते हुए उन्होंने बताया कि कांग्रेस भविष्य में जनता के करीब जाने के लिए पंचायत स्तर और बूथ स्तर पर समितियों का गठन करेगी। डिजिटल दुनिया के दौर में सोशल मीडिया की अतिसक्रियता के कारण शिक्षित युवाओं को बूथ स्तर पर नियुक्त किया जाएगा।

गौरतलब है कि कांग्रेस द्वारा विशेष रूप से ब्लॉक स्तर के अध्यक्षों, ब्लॉक के अन्य विंग के प्रमुखों और पार्टी के विभिन्न संगठनों के पदाधिकारियों के लिए यह सम्मेलन आयोजित किए जा रहे हैं। इस दौरान पार्टी के विधायक, सांसद, विधायक पद के पूर्व उम्मीदवार, सांसद, कांग्रेस के ब्लॉक अध्यक्ष सहित पार्टी के सभी 23 विंग के अध्यक्ष और अन्य वरिष्ठ नेता मौजूद थे।

वहीं सम्मेलन से पहले शिवकुमार ने महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे के बयान पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि उसे अधिक महत्व देने की आवश्यकता नहीं है। गौरतलब है कि ठाकरे ने कहा था कि बेलगावी और कर्नाटक के अन्य स्थानों पर जहां मराठी भाषी लोगों की आबादी अधिक है, वह कर्नाटक के कब्जे वाले स्थान हैं, महाराष्ट्र सरकार उन्हें वापस पाने के लिए अपने संघर्ष को तेज करेगी। सम्मेलन में पूर्व मुख्यमंत्री एवं विपक्ष के नेता सिद्दरामैया स्वास्थ्य संबंधी कारणों से भाग नहीं ले सके।