मैसूरु: रेलवे कर्मचारियों के लिए श्रवण क्षमता स्क्रीनिंग कैंप का आयोजन

फोटो स्रोत: भारतीय रेलवे
फोटो स्रोत: भारतीय रेलवे

मैसूरु/दक्षिण भारत। तीन मार्च को ‘विश्व श्रवण दिवस’ के अवसर पर, ऑल इंडिया इंस्टीट्यूट ऑफ स्पीच एंड हियरिंग (एआईआईएसएच), मैसूरु ने रेलवे चिकित्सा विभाग के साथ मिलकर दक्षिण पश्चिमी मैसूरु मंडल कार्यालय में रेलवे कर्मचारियों के लिए ‘श्रवण क्षमता स्क्रीनिंग कैंप’ का आयोजन किया।

विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ) के अनुसार, दुनिया में 466 मिलियन लोग सुनने में अक्षम हैं, जो कि दुनिया की आबादी का 6.1 प्रतिशत हैं। इनमें 93 फीसदी वयस्क हैं और सात फीसदी बच्चे हैं। 65 वर्ष से अधिक के लगभग एक-तिहाई लोगों में श्रवण क्षमता की हानि देखी गई है।

ऐसे मामलों की जल्दी पहचान प्रभावित लोगों के उपचार के लिए जरूरी है। इसलिए, श्रवण क्षमता हानि की जल्द पहचान करने के लिए, डब्ल्यूएचओ हर साल 3 मार्च को विश्व श्रवण दिवस के रूप में मनाता है।

इसके लिए साल 2021 की थीम ‘सभी के लिए श्रवण देखभाल! स्क्रीन, पुनर्वास और संवाद’ है। स्क्रीनिंग ऑडियोमीटर का उपयोग करके श्रवण क्षमता स्क्रीनिंग का आयोजन किया गया। इस यंत्र से श्रवण क्षमता हानि और कान के आंतरिक अंगों का परीक्षण किया जाता है।

खासकर बड़ी आयु के लोगों में सुनने की संवेदनशीलता कम पाई गई। शिविर में कुल 160 कर्मचारियों ने भाग लिया। उनमें से 26 को आगे की विस्तृत जांच के लिए एआईआईएसएच भेजा गया।

कार्यक्रम का समन्वय डॉ. प्रदीप डीसी, सहायक मुख्य चिकित्सा अधीक्षक, रेलवे अस्पताल मैसूरु द्वारा एआईआईएसएच में ऑडियोलॉजी व्याख्याता श्रेयांक पी स्वामी के तत्वावधान में टीम के साथ किया गया।

मुख्य चिकित्सा अधीक्षक डॉ. जीएस रामचंद्र ने रेलवे कर्मचारियों को दी गई स्वैच्छिक सेवा के लिए एआईआईएसएच कर्मचारियों का आभार व्यक्त किया।