कर्नाटक में कैसे रुकेगा कोरोना? सरकार आज करेगी फैसला

राज्यभर में कोविड परिस्थितियों की समीक्षा के लिए बेंगलूरु में विधानसौधा में आयोजित समीक्षा बैठक को मणिपाल अस्पताल से वीडियो कॉन्फ्रेंस से संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री बीएस येडियुरप्पा।
राज्यभर में कोविड परिस्थितियों की समीक्षा के लिए बेंगलूरु में विधानसौधा में आयोजित समीक्षा बैठक को मणिपाल अस्पताल से वीडियो कॉन्फ्रेंस से संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री बीएस येडियुरप्पा।

सोशल मीडिया पर वायरल एक असत्यापित दस्तावेज ने खूब गफलत में डाला

बेंगलूरु/दक्षिण भारत। कर्नाटक में कोरोना वायरस संक्रमण के मामलों की रोकथाम के लिए राज्य सरकार कुछ महत्वपूर्ण कदम उठा सकती है। इस संबंध में मुख्यमंत्री बीएस येडियुरप्पा ने सोमवार को कहा कि राज्य में कोरोना के प्रसार पर अंकुश लगाने संबंधी निर्णय मंगलवार को लिए जाएंगे। इस दिन शाम 4:30 बजे एक सर्वदलीय बैठक ऑनलाइन होगी।

बता दें कि मुख्यमंत्री येडियुरप्पा ने यह बयान ऐसे समय में दिया है जब बेंगलूरु और राज्य में कोरोना के मामलों में उछाल देखा गया है। इससे पहले उन्होंने विधायकों के साथ बैठक की।

वही, इस बैठक के बाद राज्य में कोरोना संक्रमण रोकने संबंधी दिशानिर्देश का दावा करने वाला एक असत्यापित दस्तावेज सोशल मीडिया पर खूब शेयर किया गया, जिसमें राज्य में 3 मई तक रात्रि कर्फ्यू और विस्तृत निर्देशों का उल्लेख किया गया था। हालांकि उसमें मुख्य सचिव पी रवि कुमार का नाम था, लेकिन हस्ताक्षर नहीं थे। इस मैसेज ने लोगों को खूब गफलत में डाला।

कर्नाटक में कोरोना संक्रमण के मामलों में हाल में तेजी आई है। यहां 18 अप्रैल को 19,067 मामले दर्ज किए गए, जिनमें से 12,973 मामले बेंगलूरु से थे। पिछले सप्ताह से लगातार तेजी देखी जा रही है।

कोरोना के प्रसार को रोकने के लिए इससे पहले, राज्य सरकार ने 10 अप्रैल से 20 अप्रैल तक आठ शहरों – बेंगलूरु, मेंगलूरु, उडुपी-मणिपाल, मैसूरु, कलबुर्गी, बीदर और तुमकुर में रात्रि कर्फ्यू की घोषणा की थी। सरकार ने नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ कार्रवाई के निर्देश दिए थे।

हाल में जिस प्रकार कोरोना संक्रमण में बढ़ोतरी हुई है, उसके आधार पर माना जा रहा है कि राज्य सरकार कुछ कड़े फैसले भी ले सकती है। खासतौर से बेंगलूरु में कोरोना के बढ़ते मामलों ने बड़ी चुनौती पैदा कर दी है।

अगर मामलों का बढ़ना इसी तरह जारी रहा तो सरकार के सामने कड़े कदम उठाने के अलावा कोई उपाय नहीं होगा। मुख्यमंत्री बीएस येडियुरप्पा भी 12 अप्रैल को कह चुके हैं कि मामले बढ़ते रहे तो राज्य सरकार कर्फ्यू जैसे कड़े कदम उठा सकती है। उन्होंने लोगों से मास्क पहनने, सोशल डिस्टेंसिंग बनाए रखने और स्वच्छता संबंधी नियमों का पालन करने की अपील की है।

इस संबंध में सरकार को कोविड-19 उपायों की सलाह देने वाले विशेषज्ञों की तकनीकी सलाहकार समिति ने धारा 144 लागू करने और सार्वजनिक समारोहों पर प्रतिबंध लगाने का सुझाव दिया था।