राज्य के मेडिकल कॉलेजों में आयकर विभाग के छापे, करोड़ों के अवैध लेनदेन का आरोप

फोटो स्रोत: PixaBay
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बेंगलूरु/दक्षिण भारत। कर्नाटक में बड़े निजी मेडिकल कॉलेजों द्वारा कर चोरी के एक संदिग्ध मामले में बुधवार को आयकर विभाग ने एक बड़ा ऑपरेशन चलाया। इस दौरान लगभग 200 आईटी अधिकारियों ने बेंगलूरु और मेंगलूरु में पंजीकृत 9 प्रमुख ट्रस्टों पर छापा मारा जो राज्य में बड़े मेडिकल कॉलेजों सहित शैक्षिक संस्थान चलाते हैं।

आयकर विभाग के मुताबिक कर्नाटक और केरल में 56 अलग-अलग स्थानों पर छापा मारा गया जिसमें बेंगलूरु में बीजीएस अस्पताल, सप्तगिरी अस्पताल और आकाश इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेज एंड रिसर्च शामिल है।

विभाग को जांच के दौरान कुछ ऐसे साक्ष्य मिले जिनसे यह पता चलता है कि इन कॉलेजों ने ऑनलाइन प्रवेश प्रक्रिया में हेरफेर करके अवैध रूप से 402.78 करोड़ रुपए लिए गए जिसके लिए कोई टैक्स नहीं भरा गया।

वहीं ट्रस्टियों के आवासीय परिसरों में भी तलाशी ली गई जहां 15.09 करोड़ रुपये नकद, 81 किलो सोने के आभूषण, 50 कैरेट हीरे और 40 किलोग्राम चांदी जब्त की गयी।

इसके अलावा अधिकारियों को अफ्रीका में बेनामी नामों में 35 लक्जरी कारों में भारी निवेश के साथ 2.39 करोड़ रुपये की अघोषित विदेशी संपत्ति के सबूत भी मिले।

विभाग ने पाया कि इन कॉलेजों में ऑनलाइन प्रवेश प्रक्रिया में हेरफेर करके स्वीकार किए गए नकद धन को ट्रस्टियों द्वारा गैर-धर्मार्थ उद्देश्यों के लिए भेजा गया जो स्पष्ट रूप से आयकर अधिनियम 1961 की धारा 12AA का उल्लंघन है।

यह भी देखा गया कि प्रबंधन, संकाय, कर्मचारी, छात्र और दलाल ऑनलाइन प्रवेश प्रक्रिया में हेरफेर करने के लिए करीबी सांठगांठ में काम कर रहे हैं।

वहीं एक मेडिकल कॉलेज में लिखित परीक्षा में प्रबंधन कोटे के छात्रों को पास करने के लिए 1 लाख से लेकर 2 लाख तक की “पैकेज व्यवस्था” है।