मैसूरु में खुला भारत का पहला चंदन संग्रहालय

चंदन की माला। फोटो: PixaBay
चंदन की माला। फोटो: PixaBay

मैसूरु/दक्षिण भारत। शाही महलों और अन्य प्रमुख स्थलों पर घूमने के शौकीन लोगों के लिए मैसूरु में एक नया पर्यटक स्थल स्वागत के लिए तैयार है। शहर के अरण्य भवन में स्थापित भारत के पहले चंदन संग्रहालय का सोमवार को औपचारिक रूप से उद्घाटन किया गया।

जिला मंत्री एसटी सोमशेखर ने अरण्य भवन के अंदर सैंडलवुड डिपो क्षेत्र में संग्रहालय का औपचारिक उद्घाटन किया। आपको बता दें कि इस तरह के पहले संग्रहालय में चंदन और इसकी 20 से अधिक किस्म की लकड़ियों को प्रदर्शन के लिए रखा गया है। इसके अलावा कर्नाटक सोप्स एंड डिटर्जेंट लिमिटेड और कर्नाटक स्टेट आर्ट्स एंड क्राफ्ट्स एम्पोरियम द्वारा निर्मित और डिज़ाइन किए गए चंदन के कई हस्तशिल्प उत्पाद हैं।

वन विभाग का इसे संग्रहालय की अवधारणा देने के पीछे उद्देश्य चंदन के इतिहास के बारे में लोगों के बीच जागरूकता पैदा करने के साथ ही चंदन उत्पादों की खेती के बारे में समझ बढ़ाना है।

इस दौरान संग्रहालय में चंदन के वर्गीकरण, सैंडलवुड खेती की विभिन्न तकनीकों के बारे में लोगों को जागरूक करने के लिए एक पोस्टर प्रदर्शनी भी लगाई गई। संग्रहालय के उद्घाटन के बाद एसटी सोमशेखर ने कहा कि अधिक पर्यटकों को आकर्षित करने के लिए वे संग्रहालय को अरण्य भवन से मैसूरु महल या मैसूरु चिड़ियाघर में स्थानांतरित करने पर विचार कर रहे हैं।

उन्होंने कहा कि फिलहाल संग्रहालय को मैसूरु महल परिसर में स्थानांतरित करने की योजना है लेकिन महल बोर्ड ने बताया कि संग्रहालय को बनाने के लिए जगह की कमी थी और एक नए भवन के निर्माण के लिए समय मांगा गया था।

वहीं हमें सूचित किया गया है कि मैसूरु चिड़ियाघर में अब एक जगह है, चूंकि दोनों जगहों पर लोगों की भारी भीड़ रहती है। ऐसे में जल्द ही इसे इन जगहों में से किसी एक में स्थानांतरित करने का फैसला लेंगे।