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मोदी पर निशाना साधने की कोशिश में चौतरफा घिरे सोरेन, जगनमोहन बोले- यह उंगली उठाने का समय नहीं
 
मोदी पर निशाना साधने की कोशिश में चौतरफा घिरे सोरेन, जगनमोहन बोले- यह उंगली उठाने का समय नहीं
आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री जगनमोहन रेड्डी। फोटो स्रोत: सीएम फेसबुक पेज।

विशाखापत्तनम/दक्षिण भारत। इस समय जब देश-दुनिया में कोरोना महामारी से हाहाकार मचा है, तब भी कुछ नेताओं की महामारी से लड़ाई के बजाय सियासी झगड़ों में ज्यादा दिलचस्पी है। झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ फोन पर हुई बातचीत के बाद उन्हें घेरने की कोशिश की तो खुद की चौतरफा निंदा होने लगी।

आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री ने भी उन्हें ‘नसीहत’ दी कि ऐसा न करें, क्योंकि इससे महामारी काल में देश कमजोर होगा, इसलिए कोरोना से लड़ाई में सहयोग करें।

बता दें कि हेमंत सोरेन ने झारखंड में कोरोना से उपजे हालात को लेकर प्रधानमंत्री से टेलीफोन पर बातचीत की थी। इसके बाद उन्होंने ट्वीट कर प्रधानमंत्री पर निशाना साधने की कोशिश की। उन्होंने कहा, ‘आज आदरणीय प्रधानमंत्रीजी ने फोन किया। उन्होंने सिर्फ अपने मन की बात की। बेहतर होता यदि वो काम की बात करते और काम की बात सुनते।’

इस ट्वीट के बाद बड़ी संख्या में यूजर्स ने हेमंत सोरेन की निंदा की। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री की नीतियों में कमी निकालना आपका अधिकार है, लेकिन यह समय ऐसी बयानबाजी का नहीं, बल्कि कोरोना महामारी के खिलाफ एकजुटता दर्शाते हुए लड़ने का है।

वहीं, जगनमोहन रेड्डी ने भी सोरेन को बताया कि यह समय ऐसे ट्वीट के लिए उपयुक्त नहीं है। उन्होंने कहा, ‘प्रिय हेमंत सोरेन, मैं आपका बहुत सम्मान करता हूं लेकिन एक भाई के तौर पर आपसे अनुरोध करता हूं कि हमारे बीच चाहे जितने मतभेद हों, इस स्तर की राजनीति से हमारा राष्ट्र केवल कमजोर ही होगा।’

रेड्डी ने कहा, ‘कोरोना महामारी के खिलाफ इस लड़ाई में यह समय किसी पर उंगली उठाने का नहीं बल्कि साथ मिलकर, महामारी से मुकाबले में प्रधानमंत्री के हाथ मजबूत करने का है।’ रेड्डी के इस ट्वीट का यूजर्स ने स्वागत किया और इस पर जोर दिया कि जब देश पर इतना बड़ा संकट हो तो मिलकर उसका मुकाबला करना चाहिए, न कि एक-दूसरे की कमियां ढूंढ़ने में वक्त बर्बाद करना चाहिए।