स्वच्छता बनाए रखने का संदेश देने वाला एक संकेतक
स्वच्छता बनाए रखने का संदेश देने वाला एक संकेतक

बेंगलूरु/दक्षिण भारत। अब कर्नाटक में तंबाकू का सेवन कर सार्वजनिक स्थानों पर थूकना महंगा पड़ेगा। दोषी पाए जाने पर ऐसे शख्स को सजा होगी। एक रिपोर्ट के अनुसार, कर्नाटक ने कोरोना वायरस के प्रसार को रोकने के लिए तंबाकू के धूम्ररहित उत्पादों के सेवन और सार्वजनिक स्थानों पर थूकने पर प्रतिबंध लगा दिया है।

बता दें कि केंद्र ने अप्रैल में सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों को तंबाकू के सार्वजनिक उपयोग को रोकने के लिए उपाय करने को कहा था क्योंकि इससे कोरोना वायरस फैलने की आशंका बढ़ जाती है।

स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग के अतिरिक्त सचिव ने 29 मई के आदेश में कहा था कि राज्य में कोरोनावायरस की घटनाएं बढ़ रही हैं। आदेश में कहा गया था कि विश्व स्वास्थ्य संगठन और भारतीय चिकित्सा अनुसंधान परिषद के दिशानिर्देशों में सार्वजनिक स्थानों पर चबाने वाले तंबाकू उत्पादों और थूकने पर प्रतिबंध लगाने पर जोर दिया गया है।

आदेश में कहा गया है, इन सिफारिशों की गहराई में जाने के बाद, कर्नाटक महामारी रोग अध्यादेश 2020 खंड 4 (2) ए और भारतीय दंड संहिता 1860 द्वारा प्रदत्त अधिकारों के अनुसार, राज्य ने कोरोना और अन्य संचारी रोगों के प्रसार को रोकने के लिए तंबाकू उत्पादों को चबाने एवं पान मसाला उत्पादों के सेवन और सार्वजनिक स्थानों पर थूकने पर प्रतिबंध लगा दिया है।

आदेश का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ आईपीसी की धारा 188, 268, 269, 270 के तहत मामला दर्ज किया जाएगा और कार्रवाई होगी। उल्लेखनीय है कि राज्य ने पहले ही एकल सिगरेट की बिक्री पर प्रतिबंध लगा दिया है और सीओटीपीए का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ कार्रवाई की जा रही है।

रविवार (31 मई) को तंबाकूरोधी दिवस भी मनाया जाएगा। इसकी थीम ‘तंबाकू उत्पादों के उपयोग को रोकने और युवा पीढ़ी को तंबाकू निर्माताओं द्वारा इस्तेमाल किए जाने वाले तरीकों से बचाना’ है।