बेंगलूरु/दक्षिण भारत। कोरोना वायरस की शृंखला तोड़ उसे परास्त करने के लिए देशभर में जारी लॉकडाउन के कारण राज्य के विभिन्न जिलों में फंसे प्रवासी मजदूरों को लेकर चार श्रमिक स्पेशल ट्रेनें रविवार को दानापुर, भुवनेश्वर और हटिया (रांची) रवाना हुईं। इनमें से दो ट्रेनें बिहार के दानापुर के लिए रवाना हुईं।

पहली स्पेशल ट्रेन 1,190 प्रवासी मजदूरों को लेकर आज सुबह बेंगलूरु के चिक्कबानावारा से भुवनेश्वर रवाना हो गई। दक्षिण पश्चिम रेलवे (एसडब्ल्यूआर) के एक अधिकारी ने बताया, श्रमिक स्पेशल ट्रेन सुबह 09:26 बजे ओडिशा के भुवनेश्वर के लिए 1,190 प्रवासी मजदूरों के साथ चिक्कबानावारा स्टेशन से रवाना हुई।

वहीं, दूसरी श्रमिक स्पेशल ट्रेन 1,200 यात्रियों को लेकर दिन के 2.35 बजे मालुर स्टेशन से दानापुर रवाना हुई। मालुर स्टेशन से ही दानापुर के लिए दूसरी (कुल तीसरी) ट्रेन शाम 7.35 बजे रवाना हुई, जबकि बेंगलूरु से हटिया जाने वाली तीसरी श्रमिक स्पेशल ट्रेन शाम 5.25 बजे मालुर स्टेशन से 1,200 यात्रियों के साथ रवाना हुई। दक्षिण पश्चिम रेलवे ने बताया कि इन चार ट्रेनों से 4,790 प्रवासी मजदूरों को उनके गृह राज्य रवाना किया गया है।

उल्लेखनीय है कि केंद्रीय गृह मंत्रालय ने विभिन्न राज्यों में लॉकडाउन की वजह से फंसे हुए लोगों की आवाजाही की अनुमति दे दी है। इनमें प्रवासी मजदूर, श्रमिक, छात्र, पर्यटक शामिल हैं। रविवार को दक्षिण पश्चिम रेलवे ने राज्य सरकार की सूची के अनुसार इन यात्रियों को उनके गंतव्य तक पहुंचाया। राज्य सरकार ने पहचाने गए यात्रियों को रेलवे स्टेशनों तक पहुंचाने के लिए बीएमटीसी बसों की व्यवस्था की और प्रोटोकॉल के अनुसार इन यात्रियों को स्टेशनों तक पहुंचाया।

यात्रियों को रवाना करने से पहले उनकी स्वास्थ्य संबंधी जांच करते चिकित्साकर्मी
यात्रियों को रवाना करने से पहले उनकी स्वास्थ्य संबंधी जांच करते चिकित्साकर्मी

एसडब्ल्यूआर सिर्फ उन यात्रियों को यह सेवा दे रहा है, जिन्हें राज्य सरकार ने सभी उचित प्रक्रियाएं पूरी करने के बाद यात्रा की अनुमति दी हो। इन स्पेशल ट्रेनों को एक स्थान से दूसरे स्थान तक चलाया जा रहा है और बीच में इन्हें कहीं भी रोका नहीं जा रहा।

चिक्कबानावारा और मालुर से रवाना होने पहले ट्रेनों में यात्रियों के चढ़ने के दौरान उनके बीच आपसी दूरी बनाए रखने का पूरा ध्यान रखा गया। इन यात्रियों को अजीम प्रेमजी फाउंडेशन ने लंच पैकेट, बिस्कुट, पानी की बोतल, फल बांटे। वहीं, आईआरसीटीसी ने भी इन यात्रियों के लिए पूरे रास्ते में भोजन की व्यवस्था की है।

दूसरी ओर, आरपीएफ की एक टीम ने ट्रेन यात्रियों के सभी विवरण, कोच नंबर और मोबाइल नंबर अपने पास सुरक्षित कर लिए, ताकि आवश्यक हो तो भविष्य में इनके संपर्क की ट्रेसिंग के लिए इन विवरणों को डिजिटल रूप से साझा किया जा सके। इसके साथ ही रेलवे ने दोबारा यह स्पष्ट किया है कि यात्री ट्रेनों की सेवाएं 17 मई या फिर अगले आदेश तक निलंबित रहेंगी। श्रमिक स्पेशल ट्रेनें राज्य सरकारों के आग्रह पर एक स्थान से दूसरे स्थान तक संचालित की जा रही हैं।