logo
कर्नाटक सरकार ने कोविड-19 के कारण जान गंवाने वाले लोगों की अस्थियां कावेरी नदी में प्रवाहित कीं
 
कर्नाटक सरकार ने कोविड-19 के कारण जान गंवाने वाले लोगों की अस्थियां कावेरी नदी में प्रवाहित कीं
प्रतीकात्मक चित्र। फोटो स्रोतः PixaBay

बेंगलूरु/भाषा। कर्नाटक सरकार ने कोरोना वायरस संक्रमण के कारण जान गंवा चुके उन लोगों की अस्थियां सामूहिक रूप से कावेरी नदी में प्रवाहित कीं, जिनका कोई परिजन अस्थियां लेने नहीं आया। अधिकारियों ने बताया कि मांड्या जिले के मलवल्ली तालुक में बेलाकावाडी के निकट कावेरी नदी में बेंगलुरु के 500 से अधिक मृतकों के अस्थि कलश हिंदू मान्यता के अनुसार प्रवाहित किए गए।

राज्य में वैश्विक महामारी के दौरान पहली बार व्यापक स्तर पर इस प्रकार अस्थि विसर्जन किया गया है। ऐसा बताया जा रहा है कि अधिकतर अस्थियां शहर के बाहर स्थित उस खुले श्मशान घाट पर थीं, जिसे सरकार ने कोविड-19 से मौत के मामले चरम पर होने के दौरान शुरू किया था।

बार-बार अनुरोध करने के बावजूद इन मृतकों के परिवार का कोई सदस्य अस्थि कलश लेने नहीं आया, जिसके बाद सरकार ने अस्थियां विसर्जित करने का फैसला किया। राजस्व मंत्री आर अशोक, मांड्या के जिला प्रभारी मंत्री के सी नारायण गौड़ा और वरिष्ठ अधिकारियों की मौजूदगी में पुजारियों के एक दल ने अस्थि विसर्जन किया।

अशोक ने कहा, ‘गंगा नदी में शव फेंके जाने की रिपोर्ट देखकर मुझे दुख हुआ। मैं नहीं चाहता था कि हमारे राज्य में ऐसा होगा। किसी भी व्यक्ति का शव लावारिस नहीं छोड़ा जाना चाहिए। हर जिले में उपायुक्तों, सहायक आयुक्तों और तहसीलदारों को यह सुनिश्चित करना होगा कि अंतिम संस्कार किया जाए और यदि शवों को जलाया गया है, तो उनकी अस्थियां विसर्जित की जाएं। मैं इस आशय का आदेश जारी करूंगा।’ उन्होंने कहा कि अन्य समुदायों के लोगों का अंतिम संस्कार उनकी मान्यता के अनुसार किया जा रहा है।