प्रतीकात्मक चित्र
प्रतीकात्मक चित्र

बेंगलूरु/दक्षिण भारत। शहर के व्हाइटफ़ील्ड इलाके के आसपास बुधवार दोपहर करीब 1.25 बजे तेज आवाज सुनी गई। वहीं, शहर के दूसरे इलाकों के निवासियों ने भी सोशल मीडिया पर बताया कि उन्होंने तेज आवाज सुनी। इसके बाद बेंगलूरु में लोगों के बीच यह उत्सुकता का विषय बन गया कि आखिर यह आवाज किसकी थी।

लोगों ने दावा किया कि अचानक उन्होंने एक ‘गर्जनाभरी’ आवाज सुनी, जिससे वे हिल गए। साथ ही लोगों ने बताया कि उनके घरों की खिड़कियों में लगे शीशे भी उस आवाज से ‘कंपन’ करने लगे।

घटना के बाद सोशल मीडिया पर कयासों का दौर शुरू हो चुका है। ट्विटर पर एक यूजर पूछते हैं कि क्या चंद सेकंड के लिए यह आवाज अन्य लोगों ने भी सुनी; यह किसी चीज के फटने जैसी ध्वनि थी। शख्स ने कहा कि उस आवाज से उसके घर की खिड़कियां कांपने लगीं और पड़ोसी भी घरों से बाहर आ गए। वहीं, एक अन्य यूजर ने कहा कि ऐसी आवाज प्राय: लड़ाकू विमान से पैदा होती है, जिसे सोनिकबूम कहा जाता है।

‘भूकंप की कोई गतिविधि दर्ज नहीं’
कई लोगों ने आशंका जताई कि संभवत: यह भूकंप से पैदा हुई आवाज हो। हालांकि, कर्नाटक राज्य प्राकृतिक आपदा निगरानी केंद्र (केएसएनडीएमसी) ने इससे इंकार किया है। उसने स्पष्ट किया कि भूकंप की गतिविधि एक क्षेत्र तक सीमित नहीं होती, बल्कि व्यापक होती है।

केएसएनडीएमसी के निदेशक श्रीनिवास रेड्डी कहते हैं, ‘हमने अपने सेंसर की जांच की, भूकंप की कोई गतिविधि दर्ज नहीं की गई है।’ केएसएनडीएमसी ने बताया कि बेंगलूरु में सामने आई घटना भूकंप के कारण नहीं है। सिस्मोमीटर्स ने धरती के किसी कंपन को दर्ज नहीं किया, जैसा कि आमतौर पर हल्के झटकों के दौरान होता है।

क्या बोले बेंगलूरु पुलिस आयुक्त?
इस मामले पर बेंगलूरु के पुलिस आयुक्त भास्कर राव ने कहा कि शहर में कहीं भी किसी प्रकार के नुकसान की खबर नहीं है और 100 नंबर पर भी कोई कॉल नहीं की गई। उन्होंने बताया कि वायुसेना नियंत्रण कक्ष से पूछा गया है कि क्या यह किसी विमान से उत्पन्न हुई ध्वनि थी। उन्होंने बताया कि इसकी पुष्टि करने के लिए वायुसेना के उत्तर की प्रतीक्षा की जा रही है।