भारतीय रेल.. सांकेतिक चित्र
भारतीय रेल.. सांकेतिक चित्र

हुब्बली/दक्षिण भारत। बारिश हो या धूप या कोई भी मौसम, भारतीय रेलवे खाद्यान्न और जरूरी चीजों की आपूर्ति पूरे देश में सुनिश्चित करने के लिए हमेशा प्रतिबद्ध है। कोरोना वायरस महामारी की पृष्ठभूमि में चुनौतीपूर्ण परिस्थितियों के बावजूद, भारतीय रेलवे के पहिए निरंतर गतिशील हैं।

जनहित में, कोविड-19 के प्रसार की शृंखला को तोड़ने की भावना को बनाए रखने के लिए, यात्री ट्रेनों के संचालन को 14 अप्रैल तक रोक दिया गया है। हालांकि, पूरे देश में आवश्यक वस्तुओं की लगातार आपूर्ति बनाए रखने के लिए मालगाड़ियों का संचालन जारी है।

दक्षिण पश्चिम रेलवे द्वारा दी गई जानकारी के अनुसार, आवश्यक वस्तुएं जैसे चावल, गेहूं एवं विभिन्न खाद्यान्न, नमक, आलू, पेट्रोलियम और इससे जुड़े उत्पाद, कोयला आदि भरने और उतारने जैसे कार्यों की निगरानी उच्चतम स्तर पर की जा रही है।

21 मार्च से 26 मार्च तक की अवधि में, 21 रेक दक्षिण पश्चिम रेलवे के बेंगलूरु डिवीजन में बेंगलूरु शहरी, बेंगलूरु ग्रामीण, तुमकुरु, रामनगरम, चिकबल्लापुर, कोलार आदि जिलों के लिए भेजे गए हैं।

जिन वस्तुओं को ले जाया गया, उनमें 9 पीओएल (पेट्रोलियम, ऑयल एंड लुब्रिकेंट्स) रेक, 3 एलपीजी रेक, 7 चावल रेक, एक गेहूं रेक और एक नमक रेक शामिल थे। व्हाइटफील्ड, कृष्णराजपुरम और मंड्या में 7,500 टन चावल उतारे गए।

पांच रेक मैसूरु डिवीजन में भेजे गए, जिसमें मैसूरु, हासन, दावणगेरे, शिवमोग्गा, हावेरी, चित्रदुर्गा, चामराजनगर, चिकमगलूरु जिले आते हैं। इन रेक को हसन से नवलुर (हुब्बली), देसुर (बेलगावी), एमएनजीटी (मैसूरु) में लोड किया गया था।

इसके अलावा मैसूरु को अन्य रिफाइनरियों से 5,200 टन पीओएल उत्पाद प्राप्त हुए हैं जिन्हें अनलोड किया गया है। मैसूरु में जरूरी चीजों के 12 रेक उतारे गए। इनमें 6 चावल रेक, एक गेहूं रेक और एक आलू रेक यानी कुल 23,280 टन की सामग्री अनलोड की गई।

हुबली डिवीजन में कुल 1.4 लाख टन कोयले की 35 रेक उतारी गई हैं, जिसमें कुडगी और बीटीपीके कुडाथिनी में बिजली उत्पादन के लिए धारवाड़, बेलगावी, बागलकोट, बीजापुर, कोप्पल, बेलारी, चिकोडी, उत्तर कन्नड़, गडग आदि जिले शामिल हैं।

इसके अलावा, खाद्यान्नों की 13 रेक जो 33,800 टन की हैं, उतारी गई हैं। इसमें नवलुर (हुब्बली), एफसीआई साइडिंग हुब्बली, बीजापुर, बगलकोट, देसुर (बेलगावी), बेल्लारी, कोप्पल, रायबाग और गडग शामिल हैं। विजयपुरा में 5,200 टन के 2 पीओएल रेक रखे गए हैं।

सभी लोडिंग/अनलोडिंग पॉइंट्स पर, आवश्यक संख्या में श्रमिकों को नियुक्त किया गया है और सभी निर्धारित सावधानियां बरती जा रही हैं। श्रमिकों को मास्क प्रदान किए गए हैं और लोडिंग से पहले एवं बाद में हाथों को बार-बार धोने की सलाह दी जाती है। सामान चढ़ाने और उतारने के दौरान सोशल डिस्टेंसिंग का ध्यान रखा जाता है।

दक्षिण पश्चिम रेलवे चौबीस घंटे और सातों दिन श्रमिकों की उपलब्धता एवं मालगाड़ियों की गतिशीलता सुनिश्चित करता है ताकि कोविड-19 की रोकथाम के लिए किए गए लॉकडाउन के दौरान जरूरी चीजों की आपूर्ति में कोई कमी न हो।