बेंगलूरु हवाईअड्डे पर खड़े ये विमान हमें यही कहना चाहते हैं

बेंगलूरु/दक्षिण भारत। कोरोना वायरस से उपजी महामारी ने देश-दुनिया में यातायात पर भी ब्रेक लगा दिए हैं। संक्रमण को फैलने से रोकने के लिए भारत में यात्री ट्रेनों के अलावा यात्री विमानों का संचालन भी रोका गया है। विभिन्न रिपोर्टों के अनुसार, तेल की खपत कम होने से वायु प्रदूषण का स्तर घटा है, वहीं बस, ट्रेन और विमानों की तस्वीरें सोशल मीडिया पर वायरल हो रही हैं जिन पर यूजर्स रोचक कमेंट कर रहे हैं। उनका कहना है कि इंसानों के साथ ही यातायात के साधन भी लॉकडाउन का पालन कर रहे हैं और अपनी थकान मिटा रहे हैं।

बेंगलूरु हवाईअड्डे की बात करें तो यहां विमान लाइन बनाकर आराम से खड़े हैं। कभी आसमान की ऊंचाइयां नापने वाले इन विमानों को इंतजार है लॉकडाउन खुलने के बाद सरकार की ओर से हरी झंडी मिलने का, जब एक बार फिर ये बुलंदियां छुएंगे।

कुछ दिन पहले तक भारी चहल-पहल और लोगों को अपनी मंजिल तक पहुंचाने में अहम किरदार निभाने वाले हवाईअड्डे आज शांत हैं और ‘सुकून’ की सांस ले रहे हैं ताकि आने वाले दौर में जब ये फिर गुलज़ार हों तो सबका सफर सुखद और यादगार बना सकें।

जब नागरिक स्वस्थ होंगे तो देश स्वस्थ होगा और एक बार फिर प्रगति की उड़ान भरेंगे...
जब नागरिक स्वस्थ होंगे तो देश स्वस्थ होगा और एक बार फिर प्रगति की उड़ान भरेंगे…

हवाईअड्डों की ऐसी तस्वीरें भारत के अलावा कई देशों से आ रही हैं। दुनिया की सांसों के लिए खतरा बने कोरोना वायरस ने जब चीन के वुहान से अन्य देशों में दस्तक दी तो संक्रमण से बचाने के लिए सरकारों ने चीन से उड़ानें बंद कर दीं और अपने यहां भी विमानों का संचालन रोक दिया। लॉकडाउन के कारण वुहान को सख्त पाबंदियों से गुजरना पड़ा और विमान हवाईअड्डे पर ही ‘सुस्ताने’ लगे।

अमेरिका के डेट्रॉयट मेट्रो हवाईअड्डे का माहौल इन दिनों शांत है। यात्रियों को असुविधा के कारण म्यूनिख हवाईअड्डे की तस्वीरें खूब सुर्खियां बटोर चुकी हैं। महामारी से बुरी तरह प्रभावित हुए स्पेन और इटली के विभिन्न हवाईअड्डों पर सन्नाटा पसरा है। हर रोज हजारों लोगों का स्वागत करने वाला कुवैत का अंतरराष्ट्रीय हवाईअड्डा वीरान नजर आता है।

विदेशी हवाईअड्डों से लेकर देश में बेंगलूरु, दिल्ली, मुंबई, जयपुर, हैदराबाद, चेन्नई आदि हवाईअड्डों पर एक-दूसरे से पर्याप्त दूरी बनाकर खड़े इन विमानों की तस्वीरें देखकर हम इतना सबक जरूर सीख सकते हैं कि कोरोना को मात देने के लिए ‘सोशल डिस्टेंसिंग’ का पालन बेहद जरूरी है। जब हम सब स्वस्थ होंगे तो देश स्वस्थ होगा और एक बार फिर प्रगति की उड़ान भरेंगे।