किड वेंडर सर्वे: उच्च न्यायालय ने अधिकारियों को अदालत में उपस्थित होने के लिए दिया आदेश

प्रतीकात्मक चित्र। फोटो स्रोत: PixaBay
प्रतीकात्मक चित्र। फोटो स्रोत: PixaBay

बेंगलूरु/दक्षिण भारत। कर्नाटक उच्च न्यायालय ने पुलिस विभाग, बृहत् बेंगलूरु महानगर पालिके और सरकार के वरिष्ठ अधिकारियों को कर्नाटक राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण की एक अहम बैठक से नदारद रहने पर नोटिस जारी किया है।

केएसएलएसए ने हाल में पुलिस विभाग, बीबीएमपी और राज्य सरकार के प्रतिनिधियों के साथ ट्रैफिक लाइट्स पर सामान बेचने वाले बच्चों की पहचान हेतु किए गए एक सर्वेक्षण पर चर्चा के लिए बैठक आयोजित की थी।

न्यायालय ने सर्वेक्षण के लिए सभी के सहयोग को सुनिश्चित करने के लिए 18 फरवरी को उन्हें व्यक्तिगत रूप से उपस्थित होने का आदेश दिया है।

मुख्य न्यायाधीश अभय श्रीनिवास ओका और न्यायमूर्ति सचिन शंकर मगदुम की खंडपीठ ने आदेश पारित किया और केएसएलएसए के सदस्य सचिव एच शशिधर शेट्टी ने शहर स्थित लेटजिटक फाउंडेशन द्वारा दायर जनहित याचिका पर जारी निर्देशों के जवाब में अदालत को रिपोर्ट सौंपी।

अधिकारियों के सहयोग नहीं करने की ओर इशारा करते हुए केएसएलएसए ने अधिकारियों को उन बच्चों की पहचान करने में सहयोग की आवश्यकता पर प्रकाश डाला। रिपोर्ट में यह भी उल्लेख किया गया है कि केवल कुछ एनजीओ सर्वेक्षण में भाग लेने के लिए सहमत हुए हैं।

केएसएलएसए ने अदालत को यह भी बताया कि उसने शहर में लगभग 432 हॉटस्पॉट में खिलौने, फूल और अन्य सामान की बिक्री में लगे लगभग 800 बच्चों का पता लगाया है लेकिन अभी उन्हें सर्वेक्षण के माध्यम से शारीरिक रूप से पहचाना जाना है।