कर्नाटक में बढ़ा लॉकडाउन

कर्नाटक के मुख्यमंत्री बीएस येडियुरप्पा। फोटो स्रोत: ट्विटर अकाउंट।
कर्नाटक के मुख्यमंत्री बीएस येडियुरप्पा। फोटो स्रोत: ट्विटर अकाउंट।

मुख्यमंत्री ने राज्यव्यापी लॉकडाउन 14 जून तक बढ़ाए जाने की घोषणा की

बेंगलूरु/दक्षिण भारत। कर्नाटक के मुख्यमंत्री बीएस येडियुरप्पा ने गुरुवार को घोषणा की कि राज्यव्यापी लॉकडाउन 14 जून सुबह छह बजे तक बढ़ा दिया गया है। मुख्यमंत्री ने कहा कि यह फैसला विशेषज्ञों की सलाह के आधार पर लिया गया है। उन्होंने एक प्रेसवार्ता में कहा कि 14 जून को सुबह छह बजे तक यही पाबंदियां जारी रहेंगी।

उन्होंने मई में घोषित किए गए आर्थिक राहत पैकेज के तहत अतिरिक्त योजनाओं की भी घोषणा की। मुख्यमंत्री द्वारा मछुआरों, बुनकरों, आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं, शिक्षकों आदि के लिए नकद प्रोत्साहन और एमएसएमई और अन्य उद्योगों के लिए बिजली बिल सब्सिडी आदि की अनुमानित 500 करोड़ रुपए की घोषणा की गई।

इससे पहले, येडियुरप्पा ने उच्चाधिकारियों के साथ बैठक की और आगामी दिनों में कोरोना संक्रमण को काबू में करने को लेकर चर्चा की। मुख्यमंत्री ने कहा कि मामले कम हुए हैं लेकिन संक्रमण की दर अब भी अधिक है। विशेषज्ञों की सलाह के अनुसार, मौजूदा लॉकडाउन को एक सप्ताह तक बढ़ाने का फैसला लिया गया।

किसे कितनी सहायता?
मुख्यमंत्री ने बताया कि 500 करोड़ रुपए के अतिरिक्त पैकेज की घोषणा की जा रही है। पावरलूम में बुनकरों को दो व्यक्तियों की अधिकतम सीमा के साथ 3,000 रुपए की वित्तीय सहायता दी जाएगी। फिल्म और टेलीसीरियल उद्योग में पंजीकृत लेकिन असंगठित क्षेत्र के श्रमिकों को सहायता के रूप में प्रति व्यक्ति 3,000 रुपए मिलेंगे। गैर-सहायता प्राप्त स्कूलों के शिक्षकों को 5,000 रुपए मिलेंगे।

मुख्यमंत्री ने बताया कि केंद्र सरकार की बचत और राहत योजना के तहत पंजीकृत मछुआरों को 3,000 रुपए की सहायता, अंतर्देशीय नाव मालिकों को 3,000 रुपए की सहायता दी जाएगी।

इसी प्रकार, आशा कार्यकर्ताओं, पुजारियों, कुक और मुजराई विभाग के तहत ‘सी’ श्रेणी के मंदिरों में कर्मचारियों को 3,000 रुपए की घोषणा की गई है। जबकि आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं के लिए 2,000 रुपए बतौर सहायता घोषणा की गई है।

इन्हें भी राहत
मुख्यमंत्री ने बताया कि अधिवक्ता कल्याण कोष के बैंक खाते में 50 करोड़ रुपए जमा कराए जाएंगे। एमएसएमई के लिए मई और जून के लिए बिजली पर फिक्स चार्ज माफ कर दिया गया है। एमएसएमई के अलावा अन्य उद्योगों को मई और जून के बिजली बिलों के लिए जुलाई के अंत तक का समय दिया गया है।