कर्नाटक में 2 हफ्ते का संपूर्ण लॉकडाउन, सिर्फ इन कार्यों की अनुमति

प्रतीकात्मक चित्र। फोटो स्रोत: PixaBay
प्रतीकात्मक चित्र। फोटो स्रोत: PixaBay

10 मई से 24 मई तक घर में ही रहें, महामारी से लड़ने में देश की मदद करें

बेंगलूरु/दक्षिण भारत। कोरोना संक्रमण के बढ़ते मामलों के बीच कर्नाटक सरकार ने संपूर्ण लॉकडाउन का फैसला किया है। इसकी अवधि दो हफ्ता रहेगी। यहां जारी एक आदेश के अनुसार, यह लॉकडाउन 10 मई को सुबह 6 बजे से लागू होगा जो 24 मई सुबह 6 बजे तक प्रभावी रहेगा।

इसके तहत, आवश्यक वस्तुओं और सेवाओं की अनुमति होगी ताकि जनता को किसी तरह की दिक्कत नहीं हो। निर्देशों के अनुसार, भोजन, किराने का सामान, फल और सब्जियां और पशुओं के चारे से संबंधित दुकानें सुबह 6 बजे से सुबह 10 बजे तक खुली रहेंगी।

इसके अलावा, अन्य दुकानें और व्यावसायिक इकाइयां जैसे होटल, पब, बार और ऐसे उद्योग जो आवश्यक सेवाएं प्रदान करने से सीधे संबंधित नहीं हैं, उनके संचालन पर पाबंदी होगी। हालांकि, सड़क मरम्मत और माल वाहक वाहनों की आवाजाही को अनुमति दी गई है।

प्रवासी श्रमिकों से अनुरोध
मुख्यमंत्री बीएस येडियुरप्पा ने कहा कि लॉकडाउन अस्थायी है, लिहाजा प्रवासी श्रमिकों से अनुरोध है कि वे प्रदेश से बाहर न जाएं। उन्होंने कहा कि इस दौरान सुबह 10 बजे के बाद एक भी व्यक्ति को अनुमति नहीं दी जाएगी। इसके लिए पुलिस अधिकारियों को कठोर कार्रवाई करने का सुझाव दिया है। यह फैसला कोरोना से हुईं मौतों और मामलों की बढ़ती संख्या को देखते हुए लिया गया है।

संशोधित दिशा-निर्देशों के अनुसार, रेस्टोरेंट आदि से अब कोई भी भोजन पैक करवाकर लाने के लिए वाहनों का उपयोग नहीं कर सकता है। होम डिलीवरी सेवाएं जारी रहेंगी। पहले की तरह, आरटीसी बसों और मेट्रो सेवाओं सहित सार्वजनिक परिवहन; आपात स्थिति, टीकाकरण एवं आवश्यक सेवाओं में कार्यरत लोगों की आवाजाही के अलावा बंद रहेगा।

इन्हें आवाजाही की इजाजत
रेहड़ी आदि से सब्जियों और फलों की बिक्री के लिए सुबह 6 बजे से शाम 6 बजे तक अनुमति होगी। इसी प्रकार मिल्क बूथ व होपकॉम आउटलेट्स के लिए भी सुबह 6 से शाम 6 बजे तक अनुमति दी गई है। आवश्यक वस्तुओं की होम डिलीवरी चौबीसों घंटे और सातों दिन जारी रहेगी ताकि लोगों को बाहर न जाना पड़े। एक राज्य से दूसरे राज्य में माल की आवाजाही जारी रहेगी।

कोरोना पर काबू पाने के लिए ये नियम
इस दौरान हवाई उड़ानों और ट्रेनों का संचालन पूर्ववत जारी रहेगा। यात्रियों के लिए फ्लाइट या ट्रेन टिकट निजी वाहन, टैक्सी, ​कैब, रिक्शा में सवार होने के लिए पास का काम करेगा। स्कूल, कॉलेज, जिम, पार्क, स्विमिंग पूल बंद रहेंगे। राजनीतिक, सामाजिक, सांस्कृतिक, धार्मिक, अकादमिक उद्देश्यों के लिए लोगों के एकत्रित होने पर रोक रहेगी। आम जनता के लिए धार्मिक स्थल बंद रहेंगे।

लॉकडाउन में स्वास्थ्य सेवाएं जारी रहेंगी। सार्वजनिक सेवाओं से जुड़े सरकारी दफ्तर काम करते रहेंगे। ई-कॉमर्स और होम डिलीवरी के माध्यम से वस्तुएं खरीदी जा सकेंगी। पहले से तय की गईं शादियां नियमों के पालन के साथ हो सकेंगी, लेकिन अधिकतम 50 लोगों की इजाजत होगी। कोरोना संबंधी सावधानियों का कड़ाई से पालन करते हुए अधिकतम 5 लोगों को अंतिम संस्कार में जाने की अनुमति दी जाएगी।

मास्क न लगाया, तो जुर्माना
मास्क पहनना अनिवार्य होगा। अगर कोई व्यक्ति बिना मास्क पाया गया तो उस पर जुर्माना लगाया जाएगा। इसके लिए बीबीएमपी, जिला प्राधिकरण और स्थानीय प्राधिकारी नगर निगम क्षेत्रों में 250 रुपए और अन्य क्षेत्रों में 100 रुपए जुर्माना लगाया जा सकेगा।

बता दें कि मुख्यमंत्री येडियुरप्पा ने कोरोना के बढ़ते मामलों पर नियंत्रण के लिए 26 अप्रैल को कोरोना कर्फ्यू की घोषणा की थी। संक्रमण की प्रभावी रोकथाम के लिए अब संपूर्ण लॉकडाउन का फैसला करना पड़ा।