तमिलनाडु: विधानसभा चुनाव के दौरान राजनीतिक दलों के लिए उच्च न्यायालय ने की यह महत्वपूर्ण टिप्पणी

प्रतीकात्मक चित्र। फोटो स्रोत: PixaBay
प्रतीकात्मक चित्र। फोटो स्रोत: PixaBay

चेन्नई/दक्षिण भारत। मद्रास उच्च न्यायालय ने कहा कि सभी राजनीतिक दलों को 6 अप्रैल को होने वाले विधानसभा चुनावों के दौरान हिंसा बचना चाहिए। अदालत ने भारतीय चुनाव आयोग (ईआईसी) को निर्देश दिया कि वह एआईएडीएमके द्वारा मीडिया विज्ञापन से संबंधित डीएमके के प्रतिनिधित्व का निपटान करे।

यह मुद्दा डीएमके के आरएस भारती से संबंधित है जिसमें कहा गया है कि राजनीतिक दल स्वयं के विज्ञापन के लिए सार्वजनिक धन का उपयोग नहीं कर सकते हैं और ना ही अपनी पार्टी के अधिकारियों और नेताओं के लिए लाभ प्राप्त कर सकते हैं।

द्रमुक ने अदालत से एआईएडीएमके को इस तरह के विज्ञापनों पर करोड़ों की सार्वजनिक धनराशि खर्च करने से रोकने की मांग की।

डीएमके के वरिष्ठ वकील पी विल्सन ने कहा कि उन्हें इस तरह के उल्लंघन के बारे में उनकी शिकायत पर ईसीआई द्वारा व्यक्तिगत जांच के लिए नहीं बुलाया गया था। मंगलवार को सुनवाई के दौरान, महाधिवक्ता विजय नारायण ने प्रस्तुत किया कि मीडिया में सभी विज्ञापन अब बंद कर दिए गए हैं और चुनाव की तारीखों की घोषणा के बाद चुनाव आचार संहिता भी है।

चुनाव आयोग ने अपने प्रस्तुतिकरण में कहा कि राज्य द्वारा दिए गए विज्ञापन किसी भी कानून को नहीं तोड़ते क्योंकि आयोग द्वारा जारी किए गए परिपत्रों का कोई उल्लंघन उनमें नहीं देखा गया।