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मद्रास उच्च न्यायालय ने जयललिता का आवास स्मारक में तब्दील करने का आदेश रद्द किया
इस मकान को जयललिता की मां ने 1960 के दशक में खरीदा था और करीब तीन दशक जयललिता इस आवास में रही थीं
 
न्यायमूर्ति एन सीशासायी ने इस संपत्ति को स्मारक बनाने के लिए 22 जुलाई 2020 को जारी आदेश रद्द करते हुए अधिकारियों को ...

चेन्नई/भाषा। मद्रास उच्च न्यायालय ने तमिलनाडु की दिवंगत मुख्यमंत्री जे जयललिता के आवास ‘वेद नीलयम’ को स्मारक बनाने संबंधी पूर्ववर्ती अन्नाद्रमुक सरकार का आदेश बुधवार को रद्द कर दिया। जयललिता का यह आवास चेन्नई के पोएस गार्डन इलाके में स्थित है।

न्यायमूर्ति एन सीशासायी ने इस संपत्ति को स्मारक बनाने के लिए 22 जुलाई 2020 को जारी आदेश रद्द करते हुए अधिकारियों को इस संपत्ति की चाबी याचिकाकर्ता को देने का निर्देश दिया। साथ ही उच्च न्यायालय ने आयकर विभाग को भी कर देनदारी याचिकाकर्ताओं से वसूलने की अनुमति दे दी , जो करोड़ों रुपए में है।

अदालत ने इस आदेश के खिलाफ जयललिता की भतीजी जे दीपा जयकुमार और उनके भाई जे दीपक की याचिका स्वीकार करते हुए यह व्यवस्था दी। रिट याचिका स्वीकार कर ली। खबरों के अनुसार इस मकान को जयललिता की मां ने 1960 के दशक में खरीदा था और करीब तीन दशक जयललिता इस आवास में रही थीं।

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