खदान विस्फोट मामला: एनजीटी ने समिति को रिपोर्ट प्रस्तुत करने का निर्देश दिया

प्रतीकात्मक चित्र। फोटो स्रोत: PixaBay
प्रतीकात्मक चित्र। फोटो स्रोत: PixaBay

नई दिल्ली/दक्षिण भारत। राष्ट्रीय हरित अधिकरण (एनजीटी) ने छह सदस्यीय समिति का गठन किया और कर्नाटक के चिक्काबल्लापुर में एक खनन स्थल पर जिलेटिन विस्फोट के संबंध में रिपोर्ट प्रस्तुत करने का निर्देश दिया है, जिसमें छह लोग मारे गए थे।

एनजीटी अध्यक्ष न्यायमूर्ति एके गोयल की अध्यक्षता वाली पीठ ने एक मीडिया रिपोर्ट पर ध्यान दिया और केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड, राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड, निदेशक खान कर्नाटक और जिला मजिस्ट्रेट चिक्काबल्लापुर को नोटिस जारी किए।

पीठ ने कहा, हम सीपीसीबी, स्टेट पीसीबी, जिला मजिस्ट्रेट, चिक्काबल्लापुर, महानिदेशक, खान के नामित व्यक्ति, विस्फोटक के मुख्य नियंत्रक, वाणिज्य और उद्योग मंत्रालय, नागपुर, और निदेशक, खान, कर्नाटक को शामिल करते हुए अधिकरण को रिपोर्ट देने के लिए छह सदस्यीय संयुक्त समिति का गठन कर रहे हैं।

समन्वय और अनुपालन के लिए नोडल एजेंसी सीपीसीबी और स्टेट पीसीबी होगी। एनजीटी ने कहा कि समिति अगले एक सप्ताह के भीतर साइट का दौरा कर सकती है और घटना के कारण के बारे में अपनी रिपोर्ट दे सकती है।

कम से कम एक बार साइट पर जाने के अलावा, समिति अपनी कार्यवाही ऑनलाइन करने के लिए स्वतंत्र होगी। यह किसी अन्य विशेषज्ञ / संगठन से सहायता लेने के लिए स्वतंत्र होगी।

पीठ ने कहा, समिति हितधारकों के साथ बातचीत कर सकती है और वर्तमान घटना पर विचार करने के अलावा, इस तरह की घटनाओं को रोकने के लिए उपचारात्मक उपायों पर भी विचार कर सकती है।

अधिकरण ने 23 फरवरी की मीडिया रिपोर्ट का संज्ञान लिया जिसमें बताया गया था कि 22 फरवरी को चिक्काबल्लापुर के हिरेनगावल्ली में खदान धमाके में छह लोग मारे गए थे। हिरनागावल्ली गांव में स्थित पत्थर की खदान इकाई में विस्फोट हुआ था।

पुलिस द्वारा साझा की गई प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, स्थानीय निवासियों द्वारा जिलेटिन की छड़ें इस्तेमाल किए जाने की शिकायत के बाद 7 फरवरी को साइट पर खदान का काम रोक दिया गया था।

प्रतिबंध के बावजूद काम जारी रहा, और पुलिस द्वारा छापेमारी की गई। इस दौरान ठेकेदार को जिलेटिन का उपयोग नहीं करने की चेतावनी दी गई। एनजीटी ने कहा कि जब लोग उन्हें हटाने की कोशिश कर रहे थे, तभी विस्फोट हो गया।